जिले के सक्षम अधिकारी चिर निद्रा अवस्था में… कमीशन और रिश्वत अधिकारी कर्मचारियों पर हावी, जवाब तक नहीं दे पा रहे अधिकारी कर्मचारी, नगर के अधिकारी और कर्मचारी के पढ़े लिखे होने पर नगर वासी जाता रहे संदेह…

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वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा और नगर के अंदर चल रहे भ्रष्टाचार अधिकारी और कर्मचारियों के संरक्षण में लगातार जारी है। कार्रवाई के नाम पर नगर की जनता को भ्रमित कर कमीशन रूपी मलाई का आनंद ले रहे है? शनिवार और रविवार का दिन मलाई खाने का दिन रहता है, इस दिन कोई भी अधिकारी कर्मचारी मौके पर उपस्थित नहीं रहते। नगर में हनुमान धारा पर्यटन स्थल पर चल रहे विकास कार्य को ग्रहण लगाकर 3 करोड़ की मलाई हजम करने की इच्छा रख रहे है। वही जिले के अधिकारी कर्मचारी चिर निद्रा अवस्था में है। जिसके चलते सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। वही ठेकेदार अपनी मनमर्जी का राज चला रहे है।

ठेकेदारों को खुली छूट, कोई भी अधिकारी कर्मचारी आ जाए?

नगर के हनुमान धारा में चल रहे विकास कार्य में ठेकेदार कोई और है, काम कोई और कर रहा है? ठेकेदारों के आगे नगर क्या जिले के पढ़े लिखे अधिकारी नतमस्तक हैं? वहीं काम कैसे चल रहे है ये भी भगवान भरोसे चल रहा है? नगर और जिले के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा ठेकेदारों को खुली छूट देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है, वही अधिकारी कर्मचारी आंख मूंद कर बैठें हुए है। ठेकेदारों का मानना है कि हमारे बिना अधिकारी कर्मचारी कुछ नहीं है, हमारी मर्जी से ही काम होगा, चाहे कोई भी अधिकारी कर्मचारी आ जाए?

मिट्टी हनुमान धारा का, रेत पीछे नदी का, पानी चोरी का, बिजली चोरी का, बिल बन रहा सभी का….

आपको बता दें कि अधिकारी कर्मचारी को पूरी जानकारी होने के बाद भी बिल लगातार बनते जा रहा है? बिना दस्तावेज के जो सौंदर्यीकरण कार्य शुरू किया गया है। उसमें कमीशन पहले ही ठेकेदारों से मिल चुका होगा? जिसके चलते बिना दस्तावेज शुरू कराए गए कार्य में हनुमान धारा की मिट्टी का ही उपयोग किया जा रहा है जो बिल्कुल फ्री मिल रहा, वही पीछे नदी का रेत भी फ्री में मिल रहा है, वहीं पानी भी पुराने समय से लगे बोर से फ्री मिल रहा, वही बिजली भी फ्री में ही मिल रहा है लेकिन जब बिल बनाया जा रहा है तो सभी का मूल्य जोड़कर बिल बनाया जा रहा है? जिसके चलते यह माना जा सकता है कि सारी चीजें या तो फ्री मिल रही है या चोरी से मिल रही है। जिसकी जांच करने अधिकारियों के हाथ पांव फूले हुए है।

बहरहाल अब देखना यह है कि कमीशन और रिश्वत की आड़ में अधिकारी कर्मचारी कार्रवाई करते हैं या उससे भी अधिक में अधिकारी कर्मचारियों को खरीदा जाएगा?

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