
वासु सोनी चांपा। नगर के एकमात्र रेलवे स्टेशन में पार्किंग को लेकर यात्रियों और उनको छोड़ने आने वालों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। वहीं रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यात्री या उनके परिवार वालों को शिकायत होने पर रेलवे के अधिकारी या सहायता हेतु जारी नंबरों पर संपर्क करना चाहिए। वहीं ताजा मामलों की बात करें तो चांपा नगर में रेलवे स्टेशन के मुख्य दरवाजे पर पार्किंग का ठेका दिया गया है। जहां यात्रियों को छोड़ने आने वाले लोगों के वाहनों पर तत्काल ताला लगाया जा रहा है। साथ ही धमकी भरे लहजे में उनसे वसूली भी की जा रही है। जिसकी जानकारी चांपा स्टेशन के आला अधिकारियों को है लेकिन उन्हें सिर्फ अपनी मनमर्जी चलाने की आदत बन बई है। रेलवे के अधिकारी बातेें तो यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं की करते हैं लेकिन उससे उलटे मामला कुछ और ही रहता है। चांपा रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर पार्किंग का ठेका तो मिल गया है लेकिन नियमों की बात करें तो दिखावे के अलावा कुछ और नजर नहीं आता।
क्या कहा सीआई राजकुमार ने पत्रकार को…
यात्रियों के परिजनों ने अपने साथ हुए वाक्ये की जानकारी नगर के एक पत्रकार को दी। जिसमेें उन्होंने अपने साथ घटे घटना को बताया और यह भी कहा कि वाहनों में ताला लगाना और अवैध वसूली चांपा नगर के रेलवे अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। जिसकी जानकारी पत्रकार ने चांपा स्टेशन के सीआई राजकुमार से मोबाइल के माध्यम से ली गई, तब सीआई राजकुमार ने पत्रकार से कहा कि सब आपसे ही शिकायत क्यों करते है? 139 में शिकायत करें या फिर सीएसएम के पास जाएं, आरपीएफ के पास जाएं। जिनको शिकायत करना है वा जाएगा। सब आपके पास ही क्यों आते है। पत्रकार ने कहा पहले भी आपके पास इन बातों को लेकर मिलने आए थे। तब आपने कहा था पार्किंग ठेकेदार सभी नियमों का पालन करेगा लेकिन आज पर्यन्त पार्किंग ठेकेदार किसी भी नियमों का पालन नहीं कर रहा है। वहीं रेलवे के संबंधित अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हुए है। जिससे यह प्रतीत होता है कि उन्हें भी उपरी कमाई का हिस्सा पहुंच रहा होगा। सीआई राजकुमार और पत्रकार की बातें रिकार्डिंग है। जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि आखिर सीआई राजकुमार की मंशा क्या है?
नियम किसके लिए?
एकतरफ रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के आसपास सिर्फ नो पार्किंग का फ्लेक्स चिपकाया गया है। उस पर भी यह फ्लेक्स आरपीएफ के नियमों के अनुसार है उसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार का नियम संबंधित या पार्किंग संबंधित ना ही कोई दस्तावेज है और ना ही कोई फ्लेक्स चिपकाया गया है जिससे पता चल सके कि उक्त स्थल पेड पार्किंग के तहत बनाया गया है बल्कि वहां वाहनों में लगने वाले चैन, ताले और स्लिप के साथ कुछ असामाजिक प्रतीत होने वाले लोगों का ग्रुप बैठा रहता है जो किसी भी वाहन चालकों को कुछ नहीं बताते सिर्फ टकटकी लगाए बैठे रहते हैं, वहीं कुछ समय बाद उनके वाहनों में वे ताला लगा देते हैं। वापस आने पर वे ताला खोलने कहते हैं जिस पर वहां बैठे लोग जो अपने आप को पार्किंग कर्मचारी बताते हैं उनसे 50, 100, 500 या उससे अधिक की मांग करते हैं। साथ ही किसी रेलवे के अधिकारी को बुलाने पर ताला खोलने की बात करते नजर आते है। जिससे यह पूर्ण रूप से अवैध संलिप्तता दर्शाता है। वहीं इसकी जांच करने रेलवे के आला अधिकारियों के हाथ खड़े हो जाते हैं। साथ वे पीड़ित लोगों को पार्किंग के लोगों से बात करने कहते है।

