
वासु सोनी चांपा। अब तो नगर की जनता और शिकायतकर्ता यही सोच रहे हैं कि उनके शिकायत पत्र शायद तक कचरे की पेटी में डाल दिया गया होगा? क्योंकि कई महीनों पहले हुए काम का भुगतान ठेकेदार को हो गया होगा, अब कचरा हमे ही साफ करना होगा या फिर जिले या राज्य के उच्च अधिकारी उस कचरे को साफ करने आयेंगे, शायद इसी सोच के चलते ठेकेदार ने अभी तक काम करने के बाद कचरा वही छोड़ दिया होगा। कहीं उस कचरे को उठाने के लिए भी ठेकेदार को निविदा के इन्तजार तो नहीं। अब तो जनता भी यही कह रही कि सब कमीशन का खेल है बाबू भाई…
कुछ दिन पहले शिकायतकर्ता सुभाष शर्मा ने डॉक्टर चंद्रा क्लीनिक के सामने ठेकेदार द्वारा काम खतम करने के बाद छोड़ दिए गए कचरे को उठाने आवेदन दिया लेकिन माह भर बीत जाने के बाद भी कोई भी अधिकारी कर्मचारी उस पर संज्ञान नहीं ले पा रहे है। अब शिकायतकर्ता द्वारा उच्च अधिकारियों सहित प्रधानमंत्री शिकायत कार्यालय और देश के उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजने की बात कही जा रही है।
बहरहाल अब देखना यह है कि कचरा उठेगा या निविदा होगा? क्योंकि सारा खेल कमीशन का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल वार्डवासी कचरे से परेशान है। तो दूसरी ओर नपा चांपा के अधिकारी कर्मचारी मजे ले रहे है।

