
वासु सोनी चांपा। चांपा नगर में दिनों अधिकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर काफी दिक्कतें चल रही है। तो वहीं राजस्व को लेकर नगर पालिका परिषद चांपा लगातार पिछड़ते जा रहा है। हालांकि शासन के अन्य कार्यों को अमलीजामा पहनाने के लिए राजस्व का नुकसान करना ज्यादा उचित प्रतीत हो रहा है।
आपको बता दें कि नगर पालिका परिषद चांपा के अंतर्गत कई चौक चौराहों सहित खंभों में फ्लैक्स, बैनर, होर्डिंग अवैध तरीके से लगाई जाती है लेकिन नपा चांपा के अधिकारी और कर्मचारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है, नपा कर्मचारियों की मानें तो जब शासन को लगे कि चौक चौराहों सहित खंभों में लगे फ्लैक्स बैनर, होर्डिंग अवैध है इन्हें हटाया जाए तभी वे इन्हें हटना शुरू करते है, वरन जिस टेंट के बांस या खंभा लगा है उनकी चांदी ही चांदी रहती है। वहीं उन्हें बोलने और हटवाने की जहमत उठाने नगर पालिका परिषद चांपा में शायद ही कोई हो।
टेंट संचालकों को सिर्फ नोटिस, कार्रवाई कुछ नहीं?
नगर के मुख्य मार्गों सहित चौक चौराहों में अवैध तरीके से खंभे लगाकर कई प्रकार के फ्लेक्स, बैनर, होर्डिंग लगाया जाता है, जिसके लिए टेंट संचालक मोटी रकम वसूल करते है तो वहीं नगरपालिका परिषद के द्वारा कार्रवाई ना करना टेंट संचालकों के साथ आपसी सांठ गांठ की ओर इशारा कर रहे है। एक ओर नगर पालिका चांपा के कर्मचारियों के पास आवश्यकता से अधिक काम आ जाने के कारण वे जनहित के कार्यों को अधूरा छोड़ दे रहे है लेकिन नपा के कर्मचारी आखिर काम क्या करते हुआ इसकी जानकारी भी शायद जिल के मुखिया से ही लेनी पड़े?
बहरहाल अवैध कार्यों को बढ़ावा देने के साथ जनहित के मुद्दों को साइड में रखकर नगर के विकास को ग्रहण लगाया जा रहा है। अब देखना यह है कि किस ईमानदार अधिकारी के हाथों नगर का विकास हो पाएगा या यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

