वासु सोनी चांपा। आवेदन…जी हां आवेदन…सिर्फ आवेदन…बस आवेदन ही आवेदन…बस कर पगले रुलाएगा क्या? जी हां नगर के कई कार्यालय में आपको यही सुनने को मिलेगा? आपकी समस्या के लिए आप आवेदन दे दीजिए, तो वहीं आवेदन देने के बाद आप अपने कार्य के लिए दिए गए आवेदन को भूल जाएं क्योंकि कितना भी आवेदन दे दीजिए…कोई फर्क नहीं पड़ता। वहीं दिए गए आवेदन की कोई समय अवधि भी नहीं बताई जाएगी, क्योंकि साहब और कर्मचारियों को शासन की योजनाओं के लिए दिन रात एक करना पड़ रहा है। फिर भी आप आवेदन दे दीजिए? आपका काम हो जाएगा लेकिन कब होगा इसकी कोई गारंटी या वारंटी नहीं है क्योंकि साहब और कर्मचारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता? नगर में कई लाख आवेदन शासकीय कार्यालयों की शोभा कई सालों से बढ़ा रहे है। ईमानदार साहब अगर जांच करे तो कई आवेदन का निराकरण भी हो जाए लेकिन साहब और कर्मचारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता?
अगर आपके पास है अधिकारियों से जुड़े कोई पहलू तो हमें 7974157271 नंबर पर साझा करें, क्योंकि कोई फर्क नहीं पड़ता?

