
वासु सोनी चांपा। नगर में जब कभी कोई आयोजन हो तब टेंट संचालकों की मनमानी चरम पर आ जाती है। लेकिन नगर में कोई भी अधिकारी इन पर संज्ञान लेना मुनासिब नहीं समझता। टेंट संचालक बिजली चोरी, रास्ता जाम, दुर्घटना को न्यौता जैसी तमाम तरह की कवायदें पैदा कर देते है। वहीं जिले और नगर के अधिकारी भी अपनी आंख मूंद बैठे रहते है। चांपा नगर के बिजली विभाग के अधिकारियों की माने तो बिजली चोरी किस व्यवस्था के तहत हो रही है इसे जांच के बाद समझा जाता है तब तक जिस उद्देश्य से बिजली चोरी हो रही होती है वो पूरी हो जाती है। नगर में अधिकारियों और टेंट संचालकों के बीच सांठ गांठ की चर्चा जोरों से है। मुख्य मार्ग सहित नगर में लगाए जाने वाले टेंट की अवैध गतिविधियों पर विभाग सिर्फ शिकायत का इंतजार करते रहता है क्योंकि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जब तक शिकायत ना मिले कार्यालय की कुर्सी से उठना तक मुनासिब नहीं समझते। नगर के किसी भी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपने मन से जो दायित्व दिया गया है उसे निभा नहीं पा रहे है।
वहीं अनेक धार्मिक आयोजन के लिए नगर को बेतरतीब ढंग से सजाया भी जाता है जिसमें दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है बावजूद यातायात विभाग भी कुंभकर्णीय नींद में सोए होता है। जब तक कोई दुर्घटना ना घट जाए यातायात विभाग पहले से व्यवस्था बनाने फिसड्डी साबित होता है बल्कि आयोजन की देखरेख को जवाबदारी भी विभाग पूरी करता है।
फिलहाल अधिकारियों की आंख के नीचे अवैध गतिविधि होना भ्रष्टाचार का खुला उदाहरण है। क्या इस विषय पर कोई कार्रवाई होगी या सिर्फ नगर की गरीब जनता पर ही अधिकारियों और कर्मचारियों की निगाहें जमी रहेगी?
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