वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा में इन दिनों शासकीय कार्यों के लिए कर्मचारी इतने व्यस्त नजर आते है कि जनहित जैसे कार्य या जानकारी के लिए उनके पास समय बिल्कुल नहीं रहता, शायद कार्यालयीन कार्य को पूरा करने के लिए ही विशेष तौर पर कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। नगर पालिक परिषद चांपा में अधिकतर कार्यों की जानकारी कर्मचारियों को नहीं रहती जिसके चलते कार्य अधूरा पड़ा होता है। वैसे भी जनता का काम हो या ना हो कोई फर्क नहीं पड़ता। कार्यालय में अधिकारी रहे या ना रहे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। जनता का समय बर्बाद करने के उद्देश्य से शायद नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी कर्मचारी अपनी सेवा दे रहे है जिसकी शिकायत होने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ता। छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने कर्मचारी अपनी पूरी शक्ति लगा देते है वही जनता का काम करने कोई रुचि नहीं रखते। जिसके चलते शिकायत आवेदन भी कोई मायने नहीं रखता, ना ही कोई फर्क पड़ता है?

