
वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा अंतर्गत हनुमान धारा में विकास कार्य बिना दस्तावेज शुरू कर दिया गया है। वहीं कमीशन की भूख ऐसी की प्रार्थी को दस्तावेज देने अधिकारियों कर्मचारियों के पसीने छूट रहे हैं? हनुमान धारा पर्यटन स्थल में जिले के उच्च अधिकारियों और नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारियों की ठेकेदारों के सांठ गांठ ऐसी है कि प्रार्थी को दस्तावेज देने सभी के पसीने छूट रहे हैं? नगर के जनता की माने तो राज्य स्तर के अधिकारियों को भी कमीशन भेजने की बात चर्चा का माहौल गर्म बना रही है?
6 माह बाद भी कलेक्टर कार्यालय से वापस नहीं आया दस्तावेज?
आरटीआई के माध्यम से आवेदन लगाने के बाद नगर पालिक परिषद चांपा के जन सूचना अधिकारी द्वारा प्रार्थी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि दस्तावेज कलेक्टर कार्यालय गया है, वही 6 से 8 माह बाद भी दस्तावेज नगरपालिका परिषद चांपा नहीं पहुंच पाया है। आखिर हनुमान धारा सौंदर्यीकरण का दस्तावेज खुफिया गोपनीय विभाग से संबंध तो नहीं रख रहा। जिसके कारण जिले के कलेक्टर जन्मेजय महोबे उन दस्तावेजों को नगर पालिका परिषद चांपा वापस नहीं भेज रहे है?
कमीशन को लेकर आपस में ठनी…
हनुमान धारा सौंदर्यीकरण मामले में 3 करोड़ की लागत से हो रहे विकास कार्य और उसके कमीशन को लेकर अधिकारियों में तगड़ी सेटिंग देखी जा रही है? नगर पालिका सीएमओ और जिले के कलेक्टर दोनों ही दस्तावेज देने प्रार्थी आनाकानी कर रहे है। कही कमीशन का मामला राष्ट्रीय स्तर ना पहुंच जाए या यह भी माना जा सकता है कि हनुमान धारा सौंदर्यीकरण मामले में राष्ट्रीय स्तर के कमीशन का तो नहीं है?
हनुमान धारा के शुरू हो चुका भ्रष्टाचार का विकास?
प्रार्थी को बिना दस्तावेज दिए, अत्यधिक कमीशन की लालच में जल्द से जल्द बिना किसी जानकारी के हनुमान धारा सौंदर्यीकरण कार्य शुरू किया जा चुका है। वही भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा में है, बिना अधिकारियों के जांच के ठेकेदार अपनी मनमर्जी से कार्य कर रहे है, आखिरकार अधिकारियों तक कमीशन पहले ही पहुंच चुका होगा, जिसके चलते ठेकेदारों की चांदी ही चांदी है?
बहरहाल लगभग 30 से भी अधिक प्रतिशत कमीशन की लालच अच्छे से अच्छे अधिकारियों का ईमान बिगाड़ सकता है तो फिर जांजगीर चांपा जैसे जिले के अधिकारियों की क्या कहें? आखिरकार जनता की माने तो भ्रष्टाचार का विकास हनुमान धारा में जारी है? जिसे आसानी से देखा जा सकता है?

