वासु सोनी चांपा। अब तो लोग और नगर की जनता भी समझदार हो गई है। जो कहते फिर रहे है कि जिले के बड़े साहब शासन की योजनाओं में मशगूल है। जनता का क्या है खड़े रहेंगे लाइन में, काम हो या ना हो, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अब बम्हनीडीह नगर पंचायत की बात ही ले लो, कोई चॉइस सेंटर संचालक है, कहता फिर रहा है कलेक्टर का निर्देश है आधार कार्ड नहीं बनाना है? उस पर भी निर्देश अपने टेबल में लगा के नहीं रखा है, कहता फिर रहा है कि जिले के कलेक्टर ने ज्यादा काम दे दिया है? समय मिलेगा तो करूंगा? और तो और फोन में भी किसी से बात नहीं करूंगा, काम ज्यादा दे दिए है बड़े साहब? लेकिन जिले तो दूर नगर के किसी भी साहब को कोई फर्क नहीं पड़ता। समाचार में भी आने के बाद किसी अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ता। शायद केंद्रीय अधिकारियों का संरक्षण जांजगीर चांपा जिले के अधिकारियों को कुछ ज्यादा ही प्राप्त हो रहा है?

