वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा अंतर्गत नगर में कई राहत नल लगाए गए हैं। लेकिन कमीशन के चक्कर में अधिकारी और कर्मचारियों ने उन्हीं स्थानों पर नल लगवाए, जहां अपने पारिवारिक सम्बन्धी, मित्रबंधु और चहेते रहते हो? कमीशन का लालच अधिकारी और कर्मचारियों में इतना की वे देखने भी नहीं जा पा रहे कि राहत नल कहां और किसके लिए लगाया जाता है। वहीं नगर के कई राहत नल घर के अंदर हो चुके है, तो कई नलों को परमानेंट अपनी संपत्ति बना चुके है।
आपको बता दें कि राहत नल आमजन को गर्मी के समय पानी का लाभ देने लगाया जाता है लेकिन नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी कर्मचारियों के आंख के कमीशन का ऐसा पट्टा लग रखा है कि उन्हें हर कामों में सिर्फ कमीशन ही नजर आता है। वही राहत नल कितने लगे है और उनका उपयोग क्या हो रहा है इसकी भी जानकारी नगर पालिका के किसी अधिकारी और कर्मचारियों को नहीं है। कई राहत नल जिनके घर के पास लगे है वे उन नलों पर पूर्ण रूप से अपना अधिकार जमा चुके हैं लेकिन अधिकारियों की आंख के कमीशन रूपी पट्टी लगे होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। वहीं नपा चांपा के अधिकारी कर्मचारी कई सालों से जांच करने भी नहीं जा पाए है। नपा चांपा के अधिकारी और कर्मचारियों के पास प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति कार्यालय से भी अधिक काम और व्यस्तता है।
बहरहाल नगर पालिका परिषद चांपा अंतर्गत लगाए गए राहत नल अधिकारी और कर्मचारियों का कमीशन का जरिया बना हुआ है? नपा चांपा के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत नल कमीशन नल बन चुका है। अब देखना बस बाकी रह गया है कि कार्रवाई होगी या कमीशन की बाढ़ आएगी?

