वासु सोनी चांपा। नगर के सबसे प्रसिद्ध हनुमान धारा पर्यटन स्थल को बर्बाद करने जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी पूरी साजिश करने में लगे है? एक ओर सूचना में अधिकार में लगे आवेदन के जवाब में 7 महीने बाद भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं किया गया तो वहीं दूसरी ओर हनुमान धारा में ठेकेदारों से सांठ गांठ कर और अधिक कमीशन की लालच ने जिले और नगर के अधिकारी और कर्मचारियों की आँखें मंद रखी है। वहीं नगर विकास की बाट जोहने वाले राजनेता भी खुलेआम इसका मजा ले रहे है?
नगर पालिका परिषद चांपा के एकमात्र पर्यटन केंद्र को विकास के नाम पर विनाश की ओर धकेला जा रहा है। जिसमें नियम कानून की धज्जियां उड़ाकर जिला प्रशासन और नगर के अधिकारी कर्मचारी अपने कमीशन का इंतजार कर रहे है। जिले के कलेक्टर और नगर पालिका परिषद चांपा के सीएमओ रामसंजीवन सोनवानी द्वारा मिलकर नगर के पर्यटन स्थल को बर्बाद करने पूरी साजिश कर ली गई है। सूचना के अधिकार में लगे आवेदन में बिना दस्तावेज दिए कार्य प्रारम्भ करवा दिया गया। जिसमें ठेकदारों द्वारा अपनी मनमर्जी से काम किया जा रहा है। वहीं बिजली, पानी चोरी और विकास कार्य के बोर्ड के बिना धड़ल्ले से निर्माण कर किया जा रहा है। जिसकी जांच करने भी कोई अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंच रहे है, जिससे प्रतीत हो रहा है कि कमीशन की राशि अधिकारी और कर्मचारी तक पहुंच चुकी है। जनता को किसी बात को जानकारी सार्वजनिक किए बिना लगभग 50 प्रतिशत से भी अधिक कमीशन की बात सामने आ रही है। अब निर्माण कार्य कैसे हो रहा है और जिले के अधिकारी कर्मचारियों ने आंखे क्यों मूंद रखी है? इसका जवाब देना भी जरूरी नहीं समझ रहे। जिससे पता चलता है कि नगर पालिका परिषद चांपा सहित जिले के अधिकारी भी हनुमान धारा को बर्बाद करने आतुर है? वही कमीशन जिले के अधिकारी कर्मचारी सहित नगर के अधिकारियों के टेबल तक कहीं चुकी है? इसलिए नगर के एकमात्र पर्यटन स्थल को बर्बाद होने से शायद ही कोई बचा पाए?

