
जांजगीर चांपा। क्या आपने कभी कॉलेज के छात्रों को असली कोर्ट की तरह केस लड़ते देखा है? जज, वकील, गवाह, पुलिस और आरोपी… सब कुछ बिल्कुल वास्तविक अंदाज में। जांजगीर के शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित मूट कोर्ट ने सभी को हैरान कर दिया। आखिर NDPS Act पर आधारित इस मुकदमे में क्या हुआ और किसने जीती कानूनी बहस ? देखिए यह खास रिपोर्ट…”
जांजगीर के शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विधि विभाग द्वारा विधि छात्र-छात्राओं के लिए मूट कोर्ट का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्यायालयीन कार्यवाही का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना और उनकी वकालत, तर्क-वितर्क तथा कानूनी अनुसंधान क्षमता को विकसित करना था।
मूट कोर्ट का विषय NDPS Act पर आधारित था, जिसमें विद्यार्थियों ने अभियोजन और बचाव पक्ष की भूमिका निभाते हुए प्रभावशाली दलीलें पेश कीं। गवाहों की जिरह, साक्ष्यों का विश्लेषण और कानूनी प्रावधानों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि पूरा वातावरण वास्तविक अदालत जैसा नजर आया।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन सहायक प्राध्यापक डॉ. अभय सिन्हा एवं विधि विभागाध्यक्ष डॉ. आभा सिन्हा ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया की बेहतर समझ मिलती है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.आर. लहरे, मुख्य अतिथि लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल सहित अनेक अतिथि मौजूद रहे। ग्रुप “सी” के विद्यार्थियों ने जज, लोक अभियोजक, बचाव पक्ष के अधिवक्ता, आरोपी, पुलिस अधिकारी, गवाह और अन्य न्यायालयीन भूमिकाओं का सफल निर्वहन किया।

