
वासु सोनी चांपा। बीते 17 जुलाई को चांपा रेलवे स्टेशन का अमृत भारत योजना के तहत पुनर्विकसित वर्चुअल उद्घाटन किया गया। जहां रेलवे अधिकारी और कर्मचारियोें ने अनेक असुविधाओं के बीच पुनर्विकसित वर्चुअल उद्घाटन संपन्न किया। वहीं पुनर्विकसित वर्चुअल उद्घाटन में अतिथि के रूप में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू सहित स्थानीय भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सदस्य एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
आपको बता दें कि चांपा स्टेशन के पुनर्विकसित वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात उपस्थित पत्रकारों के द्वारा चांपा स्टेशन प्लेटफार्म नं.01 में शौचालय के बंद दरवाजे का कारण पूछ लिया, जिस पर वहां उपस्थित बिलासपुर जोन के डीआरएम ने कुछ अन्य कारण बता कर मामले का पटाक्षेप कर दिया, लेकिन जब बिहान खबर की टीम ने शौचालय के बंद दरवाजे का जायजा लिया तो चैंकाने वाला दृश्य दिखाई दिया।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं.01 में 17 जुलाई 2026 को शौचालय के बंद दरवाजे के पीछे रेल विभाग के लिए अश्लीलता भरे शब्दों में कुछ लिखा गया था, साथ ही ट्रेन के समय पर नहीं चलाने संबंधित बातों पर अश्लीलता भरे शब्दों में अधिकारियों पर तंज लिखा गया था। जिसकी जानकारी रेलवे के आला अधिकारियों को होने के बाद उन्होेंने शौचालय का दरवाजा बंद करना ही मुनासिब समझा। हालांकि शौचालय के बंद दरवाजे पर लिखे गए अश्लीलता भरे शब्दों को मिटाने की कोशिश की गई, नहीं मिटने की स्थिति में दरवाजे को ही बंद कर दिया गया था।
दूसरे शौचालय मेे चले जाएं?
पुनर्विकसित वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात जब सभी अधिकारी प्रीपेड वेटिग कमरे में पहुंचे तो वहां केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने डीआरएम से पूछा तब डीआरएम ने कार्य अधूरा होने का हवाला दिया। वहीं जांजगीर चांपा जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा नारायण चंदेल को कहते सुना गया कि शौचालय का दरवाजा बंद है तो किसी दूसरे शौचालय में चले जाए, किसने रोका है? लेकिन बंद दरवाजे के पीछे छुपे मुख्य कारण किसी ने जानना नहीं चाहा?
बहरहाल अब देखना यह है कि इस मामले में रेल विभाग कोई कार्रवाई कर पाता है या इस मामले को ठंडे बस्ते में भेज दिया जाएगा? सवाल यह भी उठता है कि इतने बड़े कार्यक्रम में ऐसी गलती करने वाले स्थानीय अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी या उन्हें अभयदान दिया जाएगा?


