
वासु सोनी चांपा। एक ओर रेल विभाग 13 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित स्टेशन बना रही है तो वहीं चांपा स्टेशन में लगातार बाइक चोरी से लोगों में दहशत है?
आपको बता दें कि सप्ताह भर पहले जीआरपी थाने के बगल बने दिव्यांग पार्किंग स्टैंड से टिकिट निरीक्षक की बाइक चोरी हो चुकी है। जिसका आज पर्यंत पता नहीं चल पाया है? वहीं जीआरपी थाने के कर्मचारियों का एक ही रटा रटाया गाना सुनाई देता है कि कैमरा लगाने चांपा स्टेशन मास्टर को कहा गया है, लेकिन चांपा स्टेशन मास्टर भी अपनी ही धुन में स्टेशन चला रहे है। अब जनता यह कह रही है कि जिस स्टेशन को पुनर्विकसित किया गया है क्या वहाँ सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए है?
जवाबदारी किसकी, क्या जोन के उच्च अधिकारी आयेंगे बाइक ढूंढने?
बिलासपुर जोन अंतर्गत चांपा रेलवे स्टेशन के अधिकारी कर्मचारी कुछ अपने ही अंदाज में कार्य करते देखे जाते है उन्हें यात्रियों या काम करने वाले लोगों की सुरक्षा या व्यवस्था के प्रति गंभीर नहीं देखा जाता? चांपा रेलवे स्टेशन अधिकारी कर्मचारी सिर्फ एक दूसरे पर ही लापरवाही का आरोप लगाते देखे जाते है लेकिन जिस व्यक्ति का सामान चोरी हो गया उस पर क्या बीत रही होगी उससे कोई सरोकार नहीं रहता?
चांपा स्टेशन में आने वाले लोगो के जेहन में सिर्फ एक ही बात आती है कि क्या चोरी की बाइक ढूंढने जीआरपी के उच्च अधिकारी आयेंगे या फिर बिलासपुर रेलवे जोन के महाप्रबंधक या अन्य अधिकारी पीड़ित व्यक्तियों के बाइक ढूंढ कर देंगे? अब देखने वाली बात यह होगी कि चोरी हुई बाइक कब तक ढूंढ कर पीड़ित को दी जाएगी या मामला ठंडे बस्ते में भेज दिया जाएगा?

