
वासु सोनी चांपा। नगर में इन दिनों रोड में कब्जा कर व्यापार करने का चलन शुरू हो चुका है। रोड जाम हो या वाहन खड़ी हो जाए, यातायात विभाग कभी नजर नहीं आयेगा। वहीं कोई मंत्री या उच्च पदाधिकारी आ जाए तो यातायात के सभी कर्मचारी पूरे दिन इधर उधर घूमते नजर आयेंगे। जिससे यही लगता है मानो पद में आसीन लोगो से ही दुनिया चल रही है, जनता से नहीं? शायद उच्च पद पर आसीन व्यक्ति बिना जनता के उस पद तक पहुंच गया है।
नगर में यातायात व्यवस्था की बात करें तो एक भी यातायात का कर्मचारी नजर नहीं आता। कुछ दिन पहले स्टेशन रोड में एक चार पहिया वाहन का चक्का टूट गया था, जिसके कारण करीबन 2 से 3 घंटे तक रोड जाम रहा। लेकिन किसी ने भी यातायात विभाग को जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा। वहीं कुछ दूर रोड के किनारे गाड़ी मरम्मत का कार्य भी रोड पर किया जाता है। जिससे आए दिन आधे से अधिक रोड को घेरकर कमाई की जाती है। शायद उस कमाई का कुछ अंश यातायात विभाग की ओर भी जाता होगा, जिसके चलते यातायात विभाग मौन होकर मजे ले रहा है।
स्टेशन से बेरियर चौक तक कई दुकानों का रोड पर कब्जा, कार्रवाई कुछ नहीं, सिर्फ समझाइस?
चांपा नगर की बात करें तो व्यापारी वर्ग द्वारा चाहे छोटे हो या बड़े रोड पर कब्जा कर कमाई करने के मामले में पीछे नहीं, वहीं यातायात की बात करें तो कार्रवाई के नाम पर सिर्फ सन्नाटा पसरा रहता है। आए दिन कोई ना कोई पदाधिकारी या उच्च पद पर आसीन व्यक्ति नगर पहुंचता है जिसके लिए यातायात विभाग जी जान लगा देते है? रोड से कब्जा ऐसे गायब हो जाता है जैसे पहले कभी था ही नहीं, वही पदाधिकारी के जाते ही दोबारा कब्जा शुरू हो जाता है। जनता का क्या है रोड में कब्जा कर कमाई करने वाले के पास जाकर आवश्यकता से अधिक रुपये देकर अपना काम कराना मजबूरी हो जाती है लेकिन यातायात विभाग इस मामले में सम्मान प्राप्त करने का अधिकार रखते है। जिला जांजगीर चांपा के यातायात विभाग को कार्रवाई ना करने के लिए उच्च स्तरीय सम्मान अवश्य मिलना चाहिए?


