कलेक्टर साहब… बिरगहनी, देवाटन, लच्छनपुर में नहीं शुद्ध पानी, क्या 100-200 साल में होगी जांच पानी की? क्या जिले के संबंधित अधिकारी कर्मचारी चाह रहे ग्रामीणों की मौत?

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वासु सोनी चांपा। जांजगीर चांपा जिले का एक ग्राम जो पीने के शुद्ध पानी के लिए जूझ रहा है। कहीं आसपास पीने का पानी मिल जाए तो वह भी खदान, राखड़ और धूल से पीने लायक नहीं रह गया है।

जी हां यह कोई गंभीर विषय नहीं है जिले के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए, क्योंकि संबंधित कोई भी अधिकारी कर्मचारी कार्रवाई करने के पहले सांठ गांठ में लग जा रहे है?

आपको बता दें कि बिरगहनी, देवाटन, लच्छनपुर में कई वर्षों से पानी की जांच नहीं की गई है। सुनने में यह आया है कि कोई अधिकारी कर्मचारी पानी का सैंपल लेकर जांच करने गए है लेकिन आज तक किसी प्रकार की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। वही जिले के कलेक्टर को भी शायद किसी ने जानकारी नहीं दी होगी लेकिन शिकायत कई विभागों में ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से की जा चुकी है। जिसका परिणाम शायद ही देखने को मिलेगा?

बिरगहनी, देवाटन, लच्छनपुर के ग्रामीणों के स्वास्थ्य की अगर जांच की जाए तो पता चले कि पानी से उन्हें कितनी प्रकार की बीमारियों ने घेर लिया है। बावजूद जिले के मुखिया और संबंधित विभागों को इससे कोई सरोकार नहीं है। वही इन मामलों में जिले के अधिकारी कर्मचारी एक दूसरे पर पल्ला झाड़ते नजर आते है जिसके कारण कई वर्षों से शुद्ध पानी की समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। वही 15 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे सचिव से दस्तावजे मांगने पर समय लगने की बात कही। साथ ही पानी की जांच किय जाने की बात भी कही।

बहरहाल जिले के संबंधित अधिकारी कर्मचारी यही चाह रहे कि बिरगहनी, देवाटन, लच्छनपुर के ग्रामीणों की स्वास्थ्य हमेशा खराब रहे। जिस कारण वे खुद से पानी की जांच कराने के बजाय सिर्फ शिकायत का इंतजार कर रहे है। जिले में गांव में अगर यह स्थिति है तो जिले की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब देखना यह है कि जिले के अधिकारी कर्मचारी कुछ कर पाते है या खराब पानी से ग्रामीणों की मौत का इंतजार करेंगे।

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