
वासु सोनी चांपा। जांजगीर चांपा जिले में जीएसटी विभाग की निष्क्रियता के चलते आम जनता को परेशान होना पड़ रहा है। जिले में कितने दुकानों में जीएसटी नंबर लेकिन लगाया नहीं है और जिन्होंने नहीं लिया है उसकी भी जानकारी जीएसटी विभाग के पास नहीं है वहीं जीएसटी विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपनी निष्क्रिय कार्यशैली के लिए भी जिले में अच्छे खासे जाने जा रहे है।
जीएसटी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के पास कार्रवाई के लिए समय हो या ना हो लेकिन व्यवसायियों से मिलने के लिए इनके पास समय ही समय है। जिले की लॉटरी/कूपन योजना की शिकायत होने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर पाना सोच का विषय है?
एक तरफ जीएसटी विभाग के कर्मचारियों की पढ़ाई लिखाई पर शंका जाहिर की जा रही है तो वहीं कार्रवाई ना कर पाना, इन सब बातों पर मुहर लगा रही है? जीएसटी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के सामने ऐसे कार्य अंजाम दिए जा रहे है जिसके अंतर्गत जीएसटी चोरी खुलेआम दिखाई दे रही है। उसके बाद भी जीएसटी विभाग के अधिकारी कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे बैठे है। बिलासपुर उच्च अधिकारियों को भी इसकी जानकारी होने पर कुछ नहीं कर पाना समझ से परे है। वहीं जनता के बीच आवाज आती रहती है कि जब कार्रवाई नहीं कर पा रहे तो नौकरी किस कार्य को अंजाम देने के लिए की जा रही है?
क्या जीएसटी अधिकारियों की संरक्षण में चल रहा लक्की ड्रॉ, कूपन, गरबा स्कीम
जिले सहित नगर में जीएसटी चोरी आम बात हो चुकी है, क्योंकि जांजगीर चांपा जिले के अधिकारी और कर्मचारियों के पास समय नहीं है तो दूसरी ओर जिले में संभवतः अधिकारी और कर्मचारियों की संरक्षण में लक्की ड्राॅ, कूपन, गरबा जैसी स्कीम संचालित की जा रही है, जिसके लिए जीएसटी विभाग से अल्प समय के लिए जीएसटी नंबर या आवेदन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।


