जर्जर सड़क भुविस्थापितों की लंबित मांग और खदान क्षेत्रों के प्रभावित ग्रामों की समस्या तय समय सीमा में पूरा करें एसईसीएल प्रबंधन नहीं तो होगा आंदोलन:-ज्योति नंद दूबे

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हेमचंद्र सोनी गेवरा/दीपका। कोल इंडिया की अनुषांगिक मिनी रत्न कंपनी एसईसीएल का मेगा प्रोजेक्ट और कोयले के उत्पादन में एशिया की सबसे बड़ी खदान कोरबा जिले के अंतर्गत गेवरा दीपका कुसमुंडा आज कोयले उत्पादन मे जहां एक ओर गेवरा खदान 50 मिलियन टन के उत्पादन लक्ष्य को पार कर देश की सर्वाधिक कोयला उत्पादन करने मैं कीर्तिमान हासिल किया है लेकिन विडंबना यह है कि इन तीनों मेगा प्रोजेक्ट को कोयले के उत्पादन करने के लिए जिन किसानों और ग्राम वासियों ने अपनी जल जंगल और जमीन तक को दे दी है आज उन्हें विगत कई सालों से अपने मूलभूत सुविधा नौकरी मुआवजा और बसाहट को लेकर बार-बार आंदोलन करना पड़ रहा है और ना जाने कितने परिवार इन सब से वंचित हो गए हैं जिनके आगे आज रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और बार बार और एसईसीएल प्रबंधन के वादा खिलाफी आगे घुटने टेकने और दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

इन्हीं सभी समस्याओं को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पूर्व खाद्य आयोग के अध्यक्ष ज्योति नंद दुबे ने गेवरा दीपका कुसमुंडा एरिया के तीनों महाप्रबंधको ज्ञापन के माध्यम से समस्याओं के समाधान के निराकरण करने के लिए ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द कार्यों और अपने वादों को पूरा करने की मांग की है। अपने इस ज्ञापन के माध्यम से ज्योति नंद दुबे ने प्रबंधन के समक्ष भू विस्थापित ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों को हो रही समस्याओं में प्रमुख मांग दीपका से हरदी बाजार आने जाने वाले मार्ग का गुणवत्ता युक्त निर्माण कराया जाए जिससे दीपका से हरदी बाजार जाने आने वालों को सुविधा मिल सके वर्तमान में रोड की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है जिसमें आए दिन दुर्घटना होती रहती है। गेवरा दीपका कुसमुंडा क्षेत्र की लंबित भुविस्थापितों को रोजगार पुनर्वास एवं मुआवजा के लंबित प्रकरणों का निपटारा तत्काल किया जाए।

पूर्व में पुनर्वासीत गांव में रोड नाली बिजली की व्यवस्था सीएसआर मद के द्वारा तुरंत निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए।  एसईसीएल के अंतर्गत कार्यरत प्राइवेट कंपनियों में क्षेत्र के स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

गेवरा दीपका कुसमुंडा क्षेत्र के द्वारा पूर्व से अधिग्रहित ग्राम मलगांव हरदी बाजार रलिया सुआभोडी पाली पढ़नीया बरकुटा सोनपुरी के भुविस्थापितों को रोजगार मुआवजा पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए क्योंकि इन ग्रामों के नजदीक मैं माइन्स का कार्य जारी है जिससे हैवी ब्लास्टिंग के कारण इन ग्रामों में जनहानि की आशंका बनी रहती है।

माइंस के अधिग्रहण क्षेत्र से लगे हुए आश्रित सभी ग्रामों में सीएसआर मद से पंचायतों में रोड नाली बिजली पानी भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। गेवरा दीपका कुसमुंडा क्षेत्र में भारी प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था की जाए जिससे आम नागरिकों एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर ना पड़े। इन सभी मांगों को यदि प्रबंधन के द्वारा तय समय में पूरा नहीं किया जाता है तो जन आंदोलन के माध्यम से कोयला निकासी एवं ट्रांसपोर्टिंग को पूरी तरह से बाधित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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