पार्ट 2 – टेंडर हुआ, रोड बना और काम खत्म, आखिर ये रोड किसके लिए बना? डबरी को पाटने की तैयारी पूरी? आखिर किसकी है डबरी?

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चांपा। द मार्डन विलेज को जाने वाले रास्ते की सच्चाई आखिर कब सामने आएगी, जिसके लिए टेंडर हुआ, काम भी हुआ, रास्ता भी बन गया और पूरा फायदा निजी व्यक्ति को मिल गया। आखिरकार किसके कहने पर रास्ता बनाने का काम किया गया। इस रास्ते की जरूरत आखिर किस निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया। आम जनता को इससे क्या फायदा मिला? इन सभी बातों का जवाब देने नगर पालिका परिषद के अधिकारी कर्मचारी इधर उधर भागते नजर आ रहे हैं। आखिर ऐसा क्या है जो इस रोड को बनाने के बाद लोगों की नींद उड़ी है।

रामबांधा तालाब के पास स्थित मां समलेश्वरी मंदिर के बगल से एक और रास्ता नगर पालिक परिषद के द्वारा बनाया गया। गांधी भवन के लिए रास्ता होने के बाद भी बगल में रास्ता किसके लिए बनाया गया, कहीं यह रास्ता निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए तो नहीं बनाया गया?


वर्षों पहले तालाब किनारे स्थित मां समलेश्वरी मंदिर के बगल में एक और तालाब और नाला था जिसे प्रशासन द्वारा धीरे धीरे पाटते हुए वहां गांधी भवन और अंबेडकर भवन का निर्माण किया। वहीं आसपास निजी व्यक्तियों द्वारा अपने मंगल भवन का भी निर्माण किया गया। जिस पर आने जाने के लिए नगर पालिका परिषद के द्वारा रोड का निर्माण किया गया। नाले को पाटते हुए रास्ते का भी निर्माण हो गया। अब निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए रास्ते के बगल अलग से रास्ते का निर्माण किया गया है। जिससे यह प्रतीत होता है कि नगर पालिका परिषद के अधिकारियों द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाया जा रहा है। पहले से रास्ता होने के बाद आखिर ऐसी क्या जरूरत आ पड़ी जिसके लिए मंदिर के बगल से रास्ता बनाना जरूरी हो गया। वहीं नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी और जनप्रतिनिधियांे से पुछने पर वे एक दूसरे पर आरोपी लगाते नजर आते है। आखिर किस निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए इस रोड का निर्माण किया गया है।


बहरहाल अधिकारियों के संरक्षण के बिना रास्ते का निर्माण संभव ही नहीं। फिलहाल रोड तो बन गया जिसमें आम जनता को नहीं कम से कम निजी व्यक्ति को फायदा पहुंचा। अब देखना यह है कि इस रास्ते से आम जनता को कभी फायदा मिलेगा या निजी व्यक्ति इसकी आड़ में लाखों का वारा न्यारा करेगा।

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