
वासु सोनी कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार से एक बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। ग्राम नेवसा के दो युवकों—रफीक मोहम्मद (22) और दीपेश निर्मलकर (23)—ने पुलिसिया अत्याचार और अवैध वसूली से तंग आकर पानी टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी दी है! समाचार लिखे जाते समय दोपहर ढाई बजे तक वे पानी टंकी पर ही है और नीचे ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रही है। टी आई प्रमोद डनसेना ने आरोप को खारिज किया है।
0 क्या है पूरा मामला?
जानवरों की तरह पिटाई
पीड़ितों का आरोप है कि हरदीबाजार TI प्रमोद कुमार डनसेना ने उन्हें रास्ते से जबरन उठाया और थाने ले जाकर लाठी, डंडों और बेल्ट से बेरहमी से पीटा। युवकों के शरीर पर पिटाई के खौफनाक निशान साफ देखे जा सकते हैं।
23,500 रुपये की अवैध वसूली
जुआ खेलाने का झूठा आरोप लगाकर पुलिस पर 23,500 रुपये की भारी रिश्वत वसूलने का आरोप है। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने उनसे जबरन लिखवाया कि वे “भागते हुए गिरकर घायल हुए हैं”।
प्रशासनिक अमला मौके पर
गुरुवार सुबह दोनों युवक पेट्रोल लेकर पानी टंकी पर चढ़ गए। मौके पर तहसीलदार और पुलिस टीम उन्हें मनाने में जुटी है, लेकिन ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे TI को निलंबित करने की मांग पर अड़े हैं।
0 “क्या रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं?”
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस जुआ पकड़ने के नाम पर घरों में घुसकर बेकसूरों को उठाती है और पैसे लेकर छोड़ती है। एक अन्य महिला शफीना बेगम ने भी अपने पति अनवर अली को गायब करने का गंभीर आरोप पुलिस पर लगाया है।
हालांकि, TI प्रमोद कुमार डनसेना ने इन आरोपों को झूठा और निराधार बताया है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल पीड़ितों के बयान और चोट के निशान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो। दोषी पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित जाए। पानी टंकी पर चढ़े दोनों युवकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अगर खाकी की आड़ में ऐसा जुल्म होता रहा, तो आम जनता का कानून से भरोसा उठ जाएगा!

