इस साल भारतीय राजनीति में हुई 8 सबसे बड़ी घटनाएं, आइए डालते हैं एक नजर

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पूरी दुनिया के लोगों को New Year-2025 का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। बस चंद घंटे बाद 2024 खत्म हो जाएगा और नए साल के जश्न में लोग डूब जाएंगे। नए साल में भले ही काफी कुछ नया होने वाला हो, लेकिन भारतीय राजनीति के लिए साल 2024 काफी महत्वपूर्ण रहा। साल 2024 में पीएम मोदी का लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना, झारखंड सीएम हेमंत सोरेन और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को जेल, लगातार 24 साल बाद ओडिशा सीएम बने रहने के बाद नवीन पटनायक का चुनाव हारना समेत कई बड़ी राजनीतिक घटनाएं हुईं। आइए इन बड़ी राजनीतिक घटनाओं पर एक नजर डालते हैं।

लोकसभा चुनाव- 2024

19 अप्रैल से 1 जून 2024 के बीच सात चरणों में आम चुनाव 2024 के लिए मतदान हुआ। ये मतदान इस साल की बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक है। इस बार के चुनावी नतीजे चौंकाने वाले रहे। बीजेपी ने लगातार तीसरी बार, जहां केंद्र में सत्ता बनाई। वहीं नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। पीएम मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे नेता है, जो लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। हालांकि 2014 और 2019 के चुनाव में बीजेपी अकेले बहुमत हासिल कर सत्ता हासिल की। हालांकि 2024 के चुनाव में उसे सहयोगी के भरोसे सरकार चलानी पड़ रही है।

लोकसभा चुनाव में अयोध्या में भाजपा की हार

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को घोषित हुए थे। 400 पार का नारा देने वाली भाजपा इस बार महज 240 सीटें ही जीत पाई। उत्तर प्रदेश में भाजपा को 80 में से केवल 37 सीटें मिलीं। 2 सीटें उसके सहयोगी दल रालोद और 1 सीट अपना दल को मिली थीं। दरअसल लोकसभा चुनाव 2019 के बाद अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को रामलला के मंदिर की आधारशिला रखने अयोध्या आए। कोरोना के खतरे के बीच रामलला का मुद्दा देश भर में गरमाया। 22 जनवरी को इस साल रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसके बाद भी देश की सबसे हॉट सीट बनी फैजाबाद-अयोध्या लोकसभा सीट पर भी भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है।

अरविंद केजरीवाल को जेल और इस्तीफा

आबकारी नीति ‘घोटाले’ से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में तत्कालीन दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को जेल की हवा खानी पड़ी। ईडी ने कथित शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था। लोकसभा चुनाव के कारण 10 मई 2024 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी थी। इसके बाद 2 जून को केजरीवाल ने सरेंडर कर दिया था। इस मामले में ईडी और सीबीआई दोनों ही जांच कर रही थी। ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल को 12 जुलाई को जमानत मिल गई थी। इसेक बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के मामले में भी 13 सितंबर 2024 को जमानत दजी थी।

जेल से बाहर निकलने के बाद अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और दिल्ली के सीएम पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। केजरीवाल ने 17 सितंबर को इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा देते हुए कसम खाई कि दिल्ली के लोग उन्हें क्लीन चिट दे देंगे तभी वह सीएम का पद स्वीकार करेंगे।

हेमंत सोरेन को जेल

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए साल 2024 काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2024 उनके लिए एक करारा झटका लेकर आया। उन्हें जनवरी में ही कथित घोटाले के केस में जेल में डाल दिया गया। इसके बाद चंपई सोरेन को झारखंड का सीएम बना दिया गया। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिली और उन्होंने दोबारा झारखंड के सीएम का पद संभाला। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान चंपई सोरेन झामुमो छोड़ भारतीय जनता पार्टी के साथ चले गए। हालांकि इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में झामुमो ने एक बार फिर जीत दर्ज की और हेमंत सोरेन झारखंड के सीएम बने।

लगातार 24 साल सीएम रहने के बाद नवीन पटनायक की हार

इस साल लोकसभा चुनाव के साथ ही ओडिशा में भी विधानसभा चुनाव हुए। इस चुनाव में बड़ा फेरबदल देखने को मिला। ओडिशा की राजनीति में महानायक कहे जाने वाले नवीन पटनायक के दल को लगातार 24 साल सीएम रहने के बाद इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। ओडिशा विधानसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी के शानदार जीत हासिल करते हुए राज्य में सरकार बनाई, लेकिन दशकों से सत्ता पर काबिज नवीन पटनायक को सरकार से बाहर जाना पड़ा। ओडिशा विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी 51 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा को 78 सीटें मिलीं, जिससे पटनायक का 24 साल का शासन समाप्त हो गया।

प्रियंका गांधी का चुनावी पदार्पण

नेहरू-गांधी परिवार की एक अन्य सदस्य प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस साल राजनीतिक में सक्रिय रूप से पदार्पण किया। लोकसभा चुनाव 2024 में अमेठी और वायनाड दोनों लोकसभा सीटों पर जीत के बाद राहुल गांधी ने वायनाड सीट को छोड़ दिया था और अमेठी से सांसद बने रहे। इसके बाद से वायनाड की सीट खाली रही। वहीं अब वायनाड लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका गांधी को वायनाड सीट से प्रत्याशी के तौर पर उतारा। इस उपचुनाव में प्रियंका गांधी ने 64.99% वोट प्रतिशत के साथ जीत हासिल की और पहली बाद संसद पहुंचीं।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विपक्ष साफ

महाराष्ट्र में इस साल पूरे देश के साथ लोकसभा के चुनाव हुए तो वहीं विधानसभा के चुनाव भी हुए। लोकसभा चुनाव में जहां महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन को निराशा हाथ लगी तो वहीं विधानसभा चुनाव में इसी महाराष्ट्र की जनता ने दिल खोलकर महायुति गठबंधन को अपना समर्थन दिया। बीजेपी नेतृत्व वाली महायुति ने राज्य विधानसभा चुनाव में 288 में से 230 सीट पर जीत दर्ज की है।  महायुति में शामिल भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को 41 सीट पर जीत मिली है। दूसरी ओर, एमवीए को करारी हार मिली, जिसने कुल मिलाकर महज 46 सीट जीत पाई। महाराष्ट्र विधानसबा मं करीब 48 साल विपक्ष का कोई नेता नहीं है।

आतिशी बनीं दिल्ली की सीएम

एक नाटकीय घटनाक्रम में अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद 17 सितंबर 2024 को दिल्ली के सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं दिल्ली का सीएम कौन होगा, इसपर सभी की नजरें टिकी हुई थीं। माना जा रहा था कि मनीष सिसोदिया को दिल्ली के सीएम पद की कमान सौंपी जा सकती है, लेकिन अरविंद केजरीवाल के साथ ही मनीष सिसोदिया ने भी सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस बीच पार्टी के विधायकों की बैठक में आतिशी का नाम दिल्ली के सीएम पद के लिए आगे लाया गया और इसपर सभी ने अपनी सहमति भी जताई।

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