
कोरबा,
छत्तीसगढ़ में 4 साल पहले एक दर्दनाक घटना सामने आई थी। दरअसल, 28 जनवरी 2021 को पिता व 4 साल की भतीजी की हत्या कर दी गई। इसके बाद किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करके उसे मार डाला। साथ ही सबूत मिटाने के लिए पीडि़ता को पत्थरों के नीचे दबा दिया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में लगातार सुनवाई के बाद आखिरकार कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 5 आरोपियों को सजा-ए-मौत (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यह मामला को रेयरेस्ट ऑफ रेयर है।
दरअसल, कोरबा के लेमरू थाना क्षेत्र में 4 साल पहले 28 जनवरी 2021 को एक दर्दनाक घटना घटी थी। इस दौरान देवपहरी निवासी एक ग्रामीण, उसकी 16 वर्षीय बेटी व 4 साल की नातिन को बहाने से 6 लोग जंगल ले गए थे, जहां पहुंचते ही पिता व नातिन की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। वहीं किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। घटना को अंजाम देने के बाद मौके पर किशोरी के ऊपर पत्थर रखकर उसे दबा दिया गया था। खोजबीन के दौरान 6वें दिन पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो पीड़िता गंभीर हालत में मिली थी। जिसे अस्पताल भेजा गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी।
इस मामले की सुनवाई जिला न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट (पाक्सो) में चल रही थी। सुनवाई के दौरान मामले में दोष सिद्ध हो गया। कोर्ट की न्यायाधीश डॉ. ममता भोजवानी ने केस को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए सजा सुनाई। इसमें सतरेंगा निवासी 5 आरोपी संतराम मंझवार (45), अनिल कुमार सारथी (20), आनंद दास (22), परदेशी दास (35) व अब्दुल जब्बार (21) को मृत्युदंड की सजा सुनाई। वहीं एक आरोपी उमाशंकर यादव (22) को आजीवन कारावास की सजा दी गई।


