
हरियाणा कैबिनेट ने गुरुवार, 23 जनवरी को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए. CM नायब सिंह सैनी ने बताया कि HSMITC, CONFED, हरियाणा मिनरल्स लिमिटेड और विलय हुए विभागों के पूर्व कर्मचारियों को 6,000 रुपये से 20,000 रुपये तक का मानदेय मिलेगा. 2016 में दिव्यांगजनों के लिए स्वीकृत संशोधन में अब 10 और दिव्यांगजनों की श्रेणियां जोड़ी गई हैं. हरियाणा सरकार के इस निर्णय से 32 हजार दिव्यांगजनों को फायदा होगा. चंडीगढ़ में कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब 11 अलग श्रेणियों को दिव्यांगजनों की श्रेणी में शामिल किया गया है.
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लिटिगेशन में लंबे समय से फंसे हुए छोटे व्यापारियों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम लाया गया है.’ सीएम सैनी ने कहा, “वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत किसी व्यक्ति पर 10 लाख की बकाया राशि थी, अब 10 लाख तक के नीचे के तमाम लोगों का ब्याज माफ किया गया है. साथ ही मूल राशि का मात्र 40 फीसदी देना है.”
10 लाख के ऊपर के टैक्स पेयर्स के लिए CM सैनी का ऐलान
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, “10 लाख से अधिक के करदाताओं को हमने 50 फीसदी की छूट दी है. साथ ही ब्याज भी माफ किया है. इस योजना के तहत 2 लाख से अधिक करदाता लाभ उठा सकेंगे. ब्याज और जुर्माने की राशि पूर्ण रूप से माफ की गई है. 10 लाख से अधिक के करदाताओं को अपनी मूल राशि भी दो किस्तों में दे सकेंगे.”
हरियाणा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रोजेक्ट
सीएम सैनी ने कहा, “कैबिनेट बैठक में प्रदेश को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना की डीपीआर को भी मंजूरी दी गई है. प्रदूषण एक ऐसा विषय है जो शहरों में बार-बार उठता है. इसके लिए हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना को मंजूरी दी गई है.” परियोजना को पूरा करने के लिए विश्व बैंक से 2498 करोड़ रुपये का कर्ज भी लिया जाएगा, जिसमें लगभग 3647 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार इस परियोजना में 1066 करोड़ रुपये देगी. सीएम सैनी ने कहा, “इस पहल का उद्देश्य राज्य में सतत विकास को बढ़ावा देना और वायु गुणवत्ता में सुधार करना है. इस योजना के तहत हरियाणा को वर्ष 2030 तक प्रदूषण मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है.”


