‘धार्मिक कट्टरता से देश को बांट रहे…,’ गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का मोदी सरकार पर हमला, राष्ट्र के नाम संदेश में लगाए कई आरोप

0
123

76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया. खरगे ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी. उन्होंने लिखा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से, मैं आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. आज भारतीय गणतंत्र की आत्मा और इसकी अंतरात्मा के रक्षक, भारत के संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे हो गए. इस मौके पर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. खरगे ने कहा देश में किस तरह से हमारे संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं. आज के सत्ताधारी दल ने दशकों से सावधानीपूर्वक बनाए गए हमारे संस्थानों की स्वायत्तता का लगातार हनन किया है. ये लोग धार्मिक कट्टरवाद से देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं.

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संदेश जारी कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा कि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से, मैं आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. आज भारतीय गणतंत्र की आत्मा और इसकी अंतरात्मा के रक्षक, भारत के संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे हो गए. हम महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, बाबा साहेब डॉ. बी आर अंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आजाद, सरोजिनी नायडू और उन सभी लोगों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं, जिन्होंने इस महान गणतंत्र को बनाने में अथक योगदान दिया.

शहीद सैनिकों को किया नमन

खरगे ने कहा ”हम अपने सैन्य बलों, अर्धसैनिक बलों और सुरक्षा प्रतिष्ठान के प्रत्येक सैनिक को सलाम करते हैं जिन्होंने, इस राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने में अनुकरणीय बलिदान दिया है”.

हम संविधान सभा के प्रत्येक सदस्य के प्रति श्रद्धा से नतमस्तक हैं. इन्होंने अपनी बुद्धिमता और दूरदर्शिता से एक ऐसा दस्तावेज बनाया, जो विविधता से परिपूर्ण इस देश के सभी लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है.

संघीय ढांचे कुचला जा रहा

उन्होंने कहा जश्न के इस मौके पर, इस बात पर गौर करने की जरूरत है कि देश में किस तरह से हमारे संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं. गणतंत्र के संघीय ढांचे को रोजाना कुचला जा रहा है और विपक्ष द्वारा शासित राज्यों के अधिकारों में कटौती की जा रही है. सत्तारूढ़ सरकार की अहंकारी एवं अत्याचारी प्रवृत्ति के कारण संसद के कामकाज और उत्पादकता में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है.

पिछले एक दशक में, धार्मिक कट्टरवाद के घृणित एजेंडे से हमारे समाज को विभाजित करने की कोशिश जारी है. अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और जो धर्मनिरपेक्ष हैं उन्हें गोएबल्सियन दुष्प्रचार के माध्यम से कलंकित किया जा रहा है.

कमजोर वर्ग- एससी, एसटी, ओबीसी, गरीब और अल्पसंख्यकों के साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है. उनके खिलाफ अत्याचार और जघन्य हिंसा आम बात हो गई है. मणिपुर 21 महीने से जल रहा है, लेकिन सत्ता के शीर्ष पर कोई जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है.

संविधान के हर पवित्र सिद्धांत को एक तानाशाही शासन द्वारा ध्वस्त किया जा रहा है. इसलिए, मेरे प्यारे साथी नागरिकों, यह सही समय है कि हम अपने संविधान के विचारों और आदर्शों – न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को संरक्षित और सुरक्षित रखें. हम अपने संस्थापकों द्वारा बताए गए मूल्यों को बनाए रखें. संविधान की रक्षा के लिए हर बलिदान देने के लिए तैयार रहें. यही हमारे पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here