गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपनी मांगो को लेकर किसान पंजाब-हरियाणा समेत पूरे देश में बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों से मार्च करेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और पंजाब के किसान संगठन एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के सदस्यों ने भी ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे का ऐलान किया. किसानों के मार्च का पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने कभी भी देश को निराश नहीं किया. पंजाबी कभी अपना सिर नहीं झुकाते, कुछ लोग पंजाब को अस्थिर करना चाहते हैं. भारत सरकार को किसानों से बात करनी चाहिए ताकि ट्रैक्टर खेतों की ओर मुंह करके चलें.
संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब और हरियाणा में बड़े स्तर पर ट्रैक्टर मार्च निकालने का आह्वान किया है. ट्रैक्टर मार्च की तैयारियों को लेकर किसान संगठनों ने शनिवार को एक बैठक भी बुलाई थी. बताया जा रहा है कि पंजाब में करीब 200 से ज्यादा जगहों पर एक लाख से ज्यादा ट्रैक्टर सड़कों पर मार्च करेंगे.
इसी तरह का विरोध पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी देखने को मिल सकता है. पंजाब में ये प्रदर्शन 100 तहसीलों में होगा. किसान ट्रैक्टर से अपने-अपने गांव से एक निश्चित रास्ते के जरिए तहसील में एक पॉइंट तक जाएंगे और फिर अपने-अपने गांव लौट जाएंगे.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने कभी भी देश को निराश नहीं किया. हमारे अन्नदाता आमरण अनशन और हड़ताल कर रहे हैं. पंजाबी कभी अपना सिर नहीं झुकाते, कुछ लोग पंजाब को अस्थिर करना चाहते हैं. भारत सरकार को किसानों से बात करनी चाहिए ताकि ट्रैक्टर खेतों की ओर मुंह करके चलें.
उन्होंने कहा कि केंद्र को ग्रामीण विकास फंड और मंडियों के लिए फंड जारी करना चाहिए. हमें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा. पंजाबी कभी अपना सिर नहीं झुकाते, कुछ लोग पंजाब को अस्थिर करना चाहते हैं.
3 साल पहले भी किसानों ने निकाला था ट्रैक्टर मार्च
साल 2021 में किसान आंदोलन के दौरान किसानों इसी तरह का ट्रैक्टर मार्च निकाला था. उस वक्त किसानों का ये मार्च लाल किले तक पहुंच गया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई किसानों को गिरफ्तार कर लिया.



