बजट 2025 का इंतजार खत्म हो गया है। आज से बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। संसद को संबोधित करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पारंपरिक बग्गी पर संसद भवन पहुचेंगी। 11 बजे उनका अभिभाषण होगा। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट-2025 पेश करेंगी। आम बजट (Budget 2025) 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। 5 फरवरी को दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते संसद की कार्यवाही नहीं होगी।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार सबसे अधिक केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाएंगी। निर्मला सीतारमण का बतौर वित्तमंत्री यह 8वां बजट होगा, जिसमें 6 वार्षिक और दो अंतरिम बजट शामिल हैं।
बजट सत्र के लिए सरकार ने 16 बिलों की सूची तैयार की है, जिसमें वक्फ संशोधन बिल, इमीग्रेशन और फॉरेनर्स बिल समेत वित्तीय मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिल भी शामिल है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को 2024-25 की आर्थिक समीक्षा पेश करेंगी। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व वाली टीम ने समीक्षा को तैयार किया है।
आर्थिक समीक्षा में क्या होगा खास?
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार की गई आर्थिक समीक्षा देश की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करेगी। इसमें धीमी आर्थिक वृद्धि, रुपये की गिरती विनिमय दर और उपभोक्ता मांग में कमी जैसी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा। साथ ही, यह रिपोर्ट अगले वित्तीय वर्ष के लिए नीतिगत दिशा भी तय करेगी. समीक्षा में गरीबी उन्मूलन, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास और वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी इसमें कुछ नए और दूरगामी विचार शामिल होने की संभावना है।
बजट सत्र दो चरणों में होगा
- पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा.
- दूसरा चरण 10 मार्च से 4 अप्रैल तक होगा.
पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी, जिसके अंत में प्रधानमंत्री जवाब देंगे। हालांकि, सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भगदड़ की घटना को लेकर सरकार को घेर सकता है।
आर्थिक सर्वेक्षण क्या है?
वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग की ओर से और मुख्य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में तैयार किया गया आर्थिक सर्वेक्षण दस्तावेज 2024-25 (अप्रैल-मार्च) की अर्थव्यवस्था और विभिन्न संकेतकों की स्थिति और अगले वित्त वर्ष के लिए कुछ दृष्टिकोण देता है। अर्थव्यवस्था सर्वेक्षण दस्तावेज शनिवार को पेश किए जाने वाले 2025-26 के वास्तविक बजट के बारे में भी जानकारी दे सकता है।
बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक
बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में कुंभ का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष ने राजनीतिक पर्यटन और वीवीआईपी व्यवस्था का आरोप लगाया। विपक्ष ने कुंभ हादसे को लेकर संसद में चर्चा की मांग की और मरनेवालों की संख्या नहीं बताने का आरोप लगाया। इसके अलावा विपक्षी सांसदों ने वक्फ पर बनी JPC के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए। इसके साथ ही विपक्षी दलों ने संविधान, आर्थिक स्थिति, रोजगार, मणिपुर, रुपए में गिरावट जैसे मुद्दे पर संसद सत्र में चर्चा की मांग की। विपक्ष के कुंभ समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि BAC में चर्चा करके तय करेंगे। सर्वदलीय बैठक में 36 दलों के 52 नेताओं ने हिस्सा लिया।



