शिवसेना नेता संजय राउत ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल और UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी मिलिंद नार्वेकर के साथ यहां बातचीत के बाद यह दावा किया था. लेकिन गुरुवार को सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि आकस्मिक बैठकों को राजनीतिक रूप से नहीं समझा जाना चाहिए.
शादी में ठाकरे गुट-BJP नेताओं में हुआ हंसी मजाक
संजय राउत ने बुधवार रात ठाकरे की उपस्थिति में बीजेपी विधायक पराग अलवानी की बेटी की शादी के रिसेप्शन में मिलिंद नार्वेकर और चंद्रकांत पाटिल के बीच कुछ हंसी-मजाक के बाद ये दावा किया. संजय राउत ने आखिर क्या कहा? संजय राउत ने कहा कि चंद्रकांत पाटिल हम सबके दोस्त हैं और वे शुरू से ही शिवसेना और बीजेपी गठबंधन का समर्थक रहे हैं. मैं जानता हूँ कि शिवसेना-बीजेपी गठबंधन की पुरानी पीढ़ी, खासकर उनके नेता चंद्रकांत पाटिल की तरह. वर्तमान जो लोग बाहर से बीजेपी में आए हैं. शायद वे हमारे 25 वर्षों के गठबंधन का महत्व नहीं समझेंगे. जो लोग अभी बीजेपी में आए हैं, उनका न तो BJP से कोई संबंध है और न ही हिंदुत्व से कोई संबंध है. लेकिन चंद्रकांत दादा पाटिल की भावनाएं उस पार्टी में बहुत से लोगों की भावनाएं हैं, क्योंकि हम 25 साल से साथ हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम किया है. दुर्भाग्यवश, दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उदय के बाद शिवसेना और BJP गठबंधन में दरार आ गई है. हम चंद्रकांत पाटिल की भावनाओं के लिए उनके आभारी हैं.
संजय राउत ने पूछा कि गठबंधन को लेकर चन्द्रकांत पाटिल की भावनाएं शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी में भी हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि हम एमवीए में शामिल हुए क्योंकि हम बीजेपी में कुछ लोगों के आग्रह से महा विकास अघाड़ी में शामिल हुए थे. अगर हम देखते हैं कि हमारा रुख सही था क्योंकि हमारी पार्टी टूटने के बाद हम उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मांग कर रहे थे.
‘शादी में मिलने से गठबंधन नहीं बनते’
दिल्ली में संवाददाताओं से बोलते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “कोई भी इतना भोला नहीं है कि जो यह नहीं सोच सके कि सिर्फ शादी (रिसेप्शन) में मिलने से गठबंधन नहीं बन जाता है या पार्टियां करीब नहीं आती हैं.”
संजय राउत का अमित शाह पर हमला
संजय राउत ने कहा कि आपने हमारी पार्टी को तोड़ा और मुख्यमंत्री पद पर हमारा दावा और अधिकार एकनाथ शिंदे को दे दिया. बाद में पार्टी टूटने के बाद भी उस सरकार में एक नकली शिवसेना है. मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई और होगा. अमित शाह ने उस समय हमारी मांग को खारिज कर दिया था. संजय राउत ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को तोड़ना चाहते थे और उसे खत्म करना चाहते थे क्योंकि मुंबई में उनके वित्तीय हित जुड़े हुए थे, इसलिए वह एकनाथ शिंदे का इस्तेमाल कर रहे हैं.
25 साल तक साथ रहे दोनों दल
गौरतलब है कि बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना और BJP 25 साल तक एक साथ काम करते रहे, लेकिन 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद दोनों पार्टियां मुख्यमंत्री पद को लेकर अलग हो गईं. इसके बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी से मिलकर सीएम बनने के लिए महा विकास अघाड़ी (MVA) बनाया.