कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों पर बरसे राहुल गांधी, बोले- झूठ नहीं बोलूंगा… 90 के दशक में कांग्रेस ने दलितों और OBC का भरोसा खो दिया था, अपनी दादी इंदिरा गांधी के कार्यकाल पर भी कह दी बड़ी बात

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बड़ी स्वीकारोक्ति कर देश की राजनीति में कोहराम मचा दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि 90 के दशक में कांग्रेस दलितों और OBC के हितों की रक्षा उस तरह से नहीं कर पाई जैसा पार्टी को करना चाहिए था। राहुल ने कहा कि अगर वे ऐसा नहीं कहते हैं तो इसका मतलब है कि वे झूठ बोल रहे हैं। राहुल ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों में चूक की वजह से ही आरएसएस-बीजेपी (RSS-BJP) सत्ता में आई।

दरअसल 29 जनवरी को दलित इनफ्लएंशर ने ‘वंचित समाज: दशा और दिशा’ कार्यक्रम का आयोजन किया था। कार्यक्रम में रायबरेली सांसद राहुल गांधी शामिल हुए।

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अपनी दादी इंदिरा गांधी के कार्यकाल को याद करते हुए राहुल ने कहा कि तब कांग्रेस के पास दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों का पूरा सपोर्ट था। लेकिन 1990 के दशक में ‘कुछ कमियां रही’, और ये तथ्य पार्टी से छिपा नहीं है। राहुल ने कहा, “पिछले 10-15 सालों में कांग्रेस पार्टी ने वह नहीं किया जो उसे करना चाहिए था (दलितों, पिछड़ों के लिए)। अगर मैं ऐसा नहीं बोलता हूं तो मैं झूठ बोलूंगा। अगर कांग्रेस पार्टी दलितों, पिछड़ों का साथ देती और उनका विश्वास बनाए रखती तो आरएसएस कभी सत्ता में नहीं आ पाता। इस सच्चाई को कांग्रेस को स्वीकार करना होगा।

गांधी ने कहा कि दलितों और पिछड़ों को केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, जब तक कि उन्हें संस्थाओं और संपत्ति में “भागीदारी” नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि अगर एक बार कांग्रेस का ‘ऑरिजिनिल बेस’ पार्टी के साथ आ जाए तो बीजेपी और आरएसएस को भागना पड़ेगा और ऐसा जल्द होगा।

नरसिम्हा राव का नाम आने पर बोले- नाम नहीं लूंगा

इस दौरान सभा में किसी ने पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव का नाम लिया। ये इशारा करते हुए कि उनके ही कार्यकाल में दलितों-पिछड़ों-अल्पसंख्यकों का भरोसा कांग्रेस में कम हुआ होगा। इस पर राहुल गांधी ने कहा, “मैं नाम नहीं लूंगा, लेकिन यह सच्चाई है और कांग्रेस को इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा।

…तो भाग जाएगी भाजपा और आरएसएस

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बीजेपी-आरएसएस को सत्ता से बाहर खदेड़ने के लिए रणनीति बताई, “जिस दिन हम एकजुट हो जाएंगे, वे भाग जाएंगे। जिस दिन कांग्रेस पार्टी का मूल आधार एकजुट हो जाएगा, भाजपा, आरएसएस भाग जाएगी। हमें अपनी एकता पर काम करना होगा। हमें दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों की बात सुननी होगी और उन्हें आगे ले जाना होगा, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा करने में कुछ साल लगेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि आप इसे कुछ महीनों से देख सकते हैं। भाजपा कांग्रेस का कुछ नहीं बिगाड़ सकती। वे देश नहीं चला सकते। वे धोखेबाज हैं और पूरी तरह धोखेबाज हैं।

अगला सवाल सत्ता में हिस्सेदारी का है

राहुल ने इस दौरान जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी का मुद्दा फिर से उठाया। राहुल ने कहा, “जैसा कि मैंने बजट में कहा, पिछड़ों की आबादी 50 प्रतिशत है, लेकिन सत्ता में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ 5 प्रतिशत है। दलितों की आबादी 15 प्रतिशत है, लेकिन सत्ता में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ एक प्रतिशत है। अगला सवाल सत्ता में हिस्सेदारी और धन में हिस्सेदारी का है। गांधी ने जोर देकर कहा कि जब तक दलितों और पिछड़ों को सत्ता में उचित हिस्सा नहीं मिलेगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा।

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