
चांपा। अंग्रेजों की गुलामी के बाद दोबारा अगर कभी गुलामी की जंजीरें बंधी तो वे सिर्फ शासकीय अधिकारी-कर्मचारी ही बांधेंगे? ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि चांपा नगर पालिका परिषद के अधिकारी-कर्मचारी अपनी मर्जी से ही काम कर रहे हैं और शासन के उच्च वर्ग के अधिकारी उन्हें पूरी तनख्वाह भी दे रहे हैं। किसी ने शिकायत कर भी दी तो उससे नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी-कर्मचारियों को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। जिसका ताजा उदाहरण नगर पालिका परिषद चांपा आकर देखा जा सकता है। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद भी सोमवार का दिन समय सीमा की बैठक और जनदर्शन का रहता है। जिसके चलते जिले के सभी विभाग के अधिकारी बैठकों में अपना समय देते हैं तो वहीं दूसरी ओर कर्मचारी कार्यालय में बैठकर आम जनता से सिर्फ यही कहते रहते हैं कि साहब टीएल मीटिंग में गए हैं? वहीं सोमवार सुबह से लेकर शाम तक अपने कार्यालय में बैठकर गप्पे लगाते हुए या फिर इधर उधर घूमकर कर्मचारी अपना समय व्यतीत कर लेते हैं लेकिन उन्हें काम करने के लिए कहने वाला शायद ही इस ग्रह में कोई हो।
रिटायरमेंट की तैयारी में लगे चांपा सीएमओ, कहीं कोई फाइल गलत ना हो जाए, जनता का काम हो या ना हो, फाइल सही होना चाहिए?
वहीं कुछ दिन बाद नगर पालिका परिषद चांपा के सीएमओ भोला सिंह ठाकुर का रिटायरमेंट होने वाला है जिसके लिए सारे फाइलों को मंगाकर सही करने का काम लगभग दो-तीन महीने से चल रहा है। नगर पालिका परिषद चांपा के सभी कर्मचारी फाइलों को सही करने लगे हुए हैं लेकिन जनता के काम को लेकर कोई भी रूचि नहीं दिखा रहा है। नगर पालिका परिषद चांपा के सभी कर्मचारियों के पास जनता को छोड़कर बाकी अन्य कार्यों के लिए समय है। वहीं सीएमओ के रिटायरमेंट को लेकर फाइलों को सही करने की होड़ में जनता सिर्फ घंटे गिन रही है।
आरटीआई का जवाब देने नगर पालिका चांपा में कर्मचारी नहीं
प्रार्थी ने बताया कि नगर पालिका परिषद चांपा में आरटीआई विभाग में जानकारी देने करीबन तीन से चार कर्मचारी हैं लेकिन तीन-चार महीनें बीत जाने के बाद भी जानकारी देना तो दूर आवेदन ढूंढने में भी पसीने छूट रहे हैं। वहीं समय पर वेतन नहीं आने पर वे अपने कार्यों को कोसते नजर आते हैं। अगर वेतन से इतना ही मोह कर्मचारियों को है तो जनता का काम करना छोड़ दूसरा कार्य करना प्रारंभ कर दें। आरटीआई का जवाब और आवेदन नहीं होने का हवाला देकर प्रार्थी को परेशान करना नगर पालिका परिषद चांपा के आरटीआई विभाग का पैंतरा बन गया है। वहीं सीएमओ साहब यही कहते फिरते हैं बुलाता हूं जो इसे देखता है मैं क्या बता पाउंगा। पीएमओ में शिकायत के बाद भी नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी-कर्मचारी इतने बेफिक्र हैं कि उन्हें कोई भी उनके पद से नहीं हटा सकता। चाहे वे काम करें या ना करें।
बहरहाल नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी-कर्मचारी सिर्फ उपरी कमाई वाले स्थान को पहली प्राथमिकता में रखकर अपना कार्य करते नजर आते हैं साथ ही जनता के काम को करने उन्हें काफी दिक्कतें हो रही है। देश के प्रधानमंत्री से भी शिकायत होने के बाद भी नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी-कर्मचारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। जिससे यही लग रहा है मानो जनता को मुंह बंद कर बैठना पड़ेगा।


