
वासु सोनी चांपा। नगर विकास की जब बात आए तो पालिका के अधिकारी कर्मचारी सिर्फ अगल बगल झांकने लगते है। वहीं अगर बात विकास के कमीशन की आए तो फिर पहली पंक्ति में नजर आते है। इसी कड़ी में नगर सबसे बड़ा रामबांधा तालाब अपने विकास के लिए तरस रहा है। सोमवार की शाम पालिका के कुछ कर्मचारी और ठेकेदार दोनों तालाब का गेट बंद करने पहुंचे। जिसके लिए जेसीबी सहित सफाई कर्मचारी भी थे।
आपको बता दें कि बारिश का पानी रामबांधा तालाब में आवश्यकता से अधिक भर जाने से उसे पालिका के जिम्मेदार लोगों के द्वारा गेट खोल कर लच्छीबंध तालाब कि ओर भेजा गया। जहां से पानी हसदेव नदी की ओर जाता है। वही सोमवार की शाम जब कुछ पानी रामबांधा से खाली हो गया तो तालाब को बंद करने पालिका के कर्मचारी पहुंचे। उनके द्वारा तालाब में लगे गेट को बंद किया जा रहा था। जिस पर गेट के ताला टूट गया जिसके कारण गेट बंद नहीं हो पाया। रामबांधा तालाब का पानी अपनी पूरी रफ्तार से लच्छीबंध तालाब कि ओर जा रहा है। अगर समय रहते पानी नहीं रोका गया तो तालाब पूरी तरह सुख जाएगा और तालाब का पानी रिहायशी इलाकों में भर जाएगा।

कर्मचारियों के पास नहीं सीएमओ का मोबाइल नंबर
आसपास जा रहे नगर के लोगों ने जब कर्मचारियों से इसकी सूचना अधिकारियों को देने की बात कही तो उन्होंने बताया कि उनके पास सीएमओ का नंबर नहीं है। वही नपा चांपा के इंजीनियर से बात करने की बात कही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जिससे यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर पालिका परिषद चांपा के संबंधित जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारियों को नगर विकास की कितनी चिंता है।
बहरहाल जैसे तैसे कर आम नागरिकों की मदद से निकल रहे तालाब के पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी कर्मचारी कुछ कर पाते है या फिर नगर की जनता को ही उस कार्य को पूरा करने कहेंगे।


