वासु सोनी चांपा। नगर में अनुशासन बनाना खिलौना से खेलने और उसे तोड़ने के जैसा हो गया है। जिसका ताजा और पुराना उदाहरण चांपा नगरवासी देखना चाहे तो रात 10 बजे के बाद हनुमान चौक के सामने स्थित पान और किराना दुकान संचालित होता है। जिनके पास नियम तोड़ने का लाइसेंस शायद प्रशासन और पुलिस ने दे रखा है? वहीं हनुमान चौक के आसपास नशे का कारोबार इस तरह हावी है कि प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। देवांगन मोहल्ले के पास स्थित हनुमान चौक में सूखे नशे का व्यापार रात 10 बजे दुकान बंद करने के बाद ऐसा होता है जिसके लिए वहां आधी रात तक तंबाकू सम्बन्धी सभी उत्पाद के लिए लाइन लगी होती है लेकिन इन सब पर कार्रवाई करने वाले कुंभकर्णीय नींद में सोते रहते है। देवांगन मोहल्ले के पास स्थित हनुमान चौक में खुलेआम चल रहे इस कारोबार की जानकारी पुलिस के सभी अधिकारी कर्मचारी को होने के बाद भी सभी नतमस्तक हैं। विश्वस्त सूत्रों सहित आसपास से यह भी सुनने को मिल जाता है कि किसी जिले के किसी भी अधिकारी कर्मचारी में दम होगा तो हनुमान चौक स्थित इन दुकानों को बंद करवा कर दिखा दे।
आखिर किसकी संरक्षण में चल रहा सूखे नशे का खेल
आधी रात को दुकान का दरवाजा बंद कर बगल के चैनल गेट से आधी रात के बाद भी तंबाकू सहित तमाम उत्पाद बिना किसी रोक टोक के बेचा जा रहा है। आखिर जिले या प्रदेश के किस अधिकारी कर्मचारी के संरक्षण में ये खेल खेला जा रहा है।
गाड़ी आगे बढ़ाओ तब दूंगा सामान
देवांगन पारा स्थित हनुमान चौक के सामने संचालित पान दुकान के संचालक द्वारा आधी रात को तंबाकू संबंधित नशे का सामान लेने पहुंच ग्राहक को गाड़ी आगे बढ़ाने के रखने की हिदायत भी दी जाती है। शायद यह इसलिए किया जाता होगा कि कही पुलिसिया कार्रवाई रोज रोज ना हो जाए। वही इन दुकानों को आधी रात तक तंबाकू संबंधित सामान बेचने का लाइसेंस जिले या प्रदेश के किस अधिकारी के द्वारा दिया जाता है। वही कभी अगर कार्रवाई हो भी गई तो ज्यादा से ज्यादा क्या होगा एनडीपीएस की छोटी मोटी कार्रवाई कर मामले का खात्मा हो जाएगा लेकिन बेखौफ इस तंबाकू संबंधित आधी रात तक चलने वाले व्यापार को बंद कोई नहीं कर सकता।
कभी भी घट सकती है बड़ी घटना
देवांगन मोहल्ला स्थित हनुमान चौक के पास पान दुकान में आधी रात के बाद चल रहे इस व्यापार से कभी भी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। समय रहते इन पर प्रशासन और पुलिस रोक नहीं लगा पाई तो नगर की जनता को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
फिलहाल जिले सहित या प्रदेश के किसी भी अधिकारी कर्मचारी के पास ऐसी कोई ताकत नहीं है उपलब्ध नहीं जो ऐसे दुकानों पर रोज कार्रवाई कर सके। एक दो दिन के बाद ऐसे दुकान संचालकों के हौसले बढ़ जाते है। शायद यही कारण हो सकता है कि हनुमान चौक स्थित दुकान पर कभी कार्रवाई नहीं हो पाई।
जीएसटी विभाग को लगा रहा चुना
देवांगन मोहल्ले में हनुमान चौक के स्थित पान दुकान संचालक द्वारा नगर में बेखौफ आधी रात तक मजमा लगा रहता है। आधी रात को आने वाले ग्राहकों को आवश्यकता से अधिक मूल्य पर भी समान दिया जा रहा होगा? क्या इससे जीएसटी विभाग को कोई नुकसान पहुंच रहा होगा? या फिर जीएसटी विभाग तक भी लेन देन रूपी धुआं पहुंच रहा होगा।
अब देखना यह है कि नगर सहित जिले और प्रदेश की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था इस कारोबार को बंद कर पाती है या फिर सिर्फ शिकायत का इंतजार होगा?

