
वासु सोनी चांपा। वनमण्डल चांपा का मुख्य कार्यालय चांपा नगर में स्थापित होने के बाद भी हनुमान धारा जैसे पर्यटन स्थल से खुलेआम पेड़ो को जेसीबी से गिराकर वहां के रेतीनुमा मुरूम खनन कर ले जाने वाले पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की उदासीनता देखते बनती है। क्या वनमण्डल को इसकी जानकारी नहीं है और अगर जानकारी है तो फिर इस मामले में अधिकारी कर्मचारी उचित जांच कर कार्रवाई करने से पीछे क्यों हट रहे है?
आपको बता दें कि दशहरा के कुछ दिन पहले नगर के एकमात्र पर्यटन स्थल से रेतीनुमा मुरूम/मिट्टी खनन की बात सामने आई थी। जिसकी जानकारी मिलने पर मौके पर जाकर देखा गया तो पता चला कि रेतीनुमा मुरूम/मिट्टी की खुदाई कर वहां के पेड़ो को गिराकर अवैध कार्य संचालित किया गया है। जिसकी जानकारी सम्भवतः वन विभाग चांपा के अधिकारी और कर्मचारियों को भी है, बावजूद अधिकारी ओर कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई ना कर पाना किसी बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते है। हालांकि इतने दिन बीत जाने के बाद भी कार्रवाई ना कर पाना अवैध कार्यों में संलिप्तता दर्शा रहे है। सवाल यह भी उठता है कि वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौन क्यों बैठे है? कही किसी उच्च अधिकारियों का दबाव तो नहीं, जिसके चलते खनन या फिर पेड़ो की बर्बादी का मामला ही दबा दिया गया हो? फिलहाल आगे इस विषय पर वन विभाग चांपा वनमण्डल के अधिकारी किस प्रकार कार्रवाई कर पाते है ये देखने वाली बात होगी।


