कार्यालय सहायक ने कहा साहब अभी सिग्नेचर कर रहे है मत जाओ…यही सुनने को मिल रहा चांपा नगर पालिका में…. जनता से मिलने की गुंजाइश भी कम नजर आ रही…

0
387

वासु सोनी चांपा। कहने को तो नगर पालिका परिषद चांपा लगातार विवादों में रहता है बावजूद अधिकारी और कर्मचारियों के रुतबे में कोई कमी नहीं रहती। ये उनके मन के हिसाब से तय होता है। होना भी चाहिए शासकीय सेवक जो ठहरे देश प्रदेश उनके हिसाब से ही तो चल रहा है, जनता से थोड़ी चल रहा। अगर जनता शासकीय सेवक के पास ही ना जाए तो वो शासकीय सेवक किनकी नौकरी करेंगे, अपने आप की या अपने अहंकार की? ये जटिल विषय है। जिले के पढ़ें लिखे और कुछ ज्यादा पढ़ें लिखे अधिकारी कर्मचारी शासकीय सेवक है। जिनकी बदौलत दुनिया चल रही है ऐसा उनकी सोच पर निर्भर है वहीं जनता उनके दरवाज पर सिर्फ खड़ी रहकर उनके सिग्नेचर करने और अन्य कर्मचारियों से सिर्फ बातें करने का इंतजार करते रहते है। वहीं नगर पालिका परिषद चांपा में कितने पढ़ें लिखे कर्मचारी कार्यरत है उनका भी कोई हिसाब नहीं है साथ ही कौन कितने समय आता है कौन कितने समय जाता है उनके समय का हिसाब भी नहीं है बल्कि नगर पालिका परिषद चांपा की गहराई से जांच करें तो पता चलेगा कि कितने काम कई वर्षों से बकाया है जो आज तक पूरे नहीं हो पाए। वही अधिकारी और कर्मचारियों पास इतना काम है कि वो जनता को समय ही नहीं दे पाते। कार्यालयीन काम इतना हो जाता है कहते फिरते है कि बहुत काम बाकी है। जनता जिले के मुखिया से गुहार लगाने और पूछने का काम करती है कि वो काम क्या करते है जो रोजान उनका काम आवश्यकता से अधिक रहता है? वही जनता को नगर पालिका परिषद चांपा पहुंचने पर उन्हें हतोत्साहित भी किया जाता है। फिलहाल नगर पालिका परिषद चांपा के साहब कल दिन भर मीटिंग में थे जिसके कारण आज वो सिग्नेचर करने में व्यस्त है इसलिए जनता से मिलने की गुन्जाईश भी कम नजर आ रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here