वासु सोनी चांपा। नगर में कई नए और पुराने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रहती है बावजूद नगर और शहर को लेकर कोई भी अधिकारी अपने दायित्व को नहीं निभा पा रहे है। वहीं सबसे बड़ी बात यह है कि अधिकारी और कर्मचारी नगर के लोगों को और आम जनता को बरगलाने का काम करना बहुत ही आसान मानती है। इधर उधर और एक दूसरे विभाग पर कामों को थोपने का काम करती है जिससे नगर और शहर का भविष्य खतरे में जा रहा है। नगर के शासकीय अधिकारी कर्मचारी अपनी आंखों से देखने के बाद भी शिकायत का इंतजार करते रहते है साथ ही छत्तीसगढ़ शासन के नियमों की जानकारी तो देते है लेकिन उच्च अधिकारी से पूछने की बात भी कहते नजर आते है। तो दूसरी ओर नगर और शहर के अधिकारी सिर्फ मीटिंग में ही व्यस्त रहते है। शनिवार, रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को मीटिंग सहित अन्य दिवस भी कुछ ना कुछ बहाने बनाकर छुट्टी हो ही जाती है लेकिन आम जनता का काम कई सालों से पेंडिंग है और हो रहा है।
चांपा नगर की बात करें तो अधिकारियों की नजरों के सामने कई अवैध काम हो रहे है तो वहीं उन्हें जानकारी भी नहीं रहती। वहीं उनका मानना रहता है कि उन्हें जानकारी कौन देगा। ऐसे अधिकारियों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बीहड़ जंगलों में दायित्व देकर कार्य सीखना चाहिए। नगर में कार्य कर रहे उच्च और वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी सभी कागजों में लिखा पढ़ी कर आदेश और निर्देश जारी तो कर देते है लेकिन उसकी जानकारी लेना मुनासिब नहीं समझते। वहीं कुछ जानकारी लेने पर शिकायत देने की बात करते नजर आते है लेकिन विभाग और अधिकारियों द्वारा बनाए गए कागजों पर समय समय पर जांच करना उनका कार्य नहीं है ऐसी मंशा के साथ नगर सहित जिले के अधिकारी और कर्मचारी सिर्फ अपना वेतन और सम्भवतः कमीशन की बस जानकारी रखना बहुत ही जरूरी समझते है।
बहरहाल चांपा नगर में अपना दायित्व निभा रहे अधिकारी और कर्मचारी भी छत्तीसगढ़ शासन के नियमों के अनुसार कार्य कर रहे है या नहीं ये भी किसी को जानकारी नहीं है। आम जनता का मानना है कि नगर के अधिकारी और कर्मचारी सामने सब देखते हुए भी आंख बंद कर वेतन, कमीशन और जेब गर्म जैसी बातों में शायद खरे उतरते नजर आ रहे हैं।

