
वासु सोनी चांपा। कुछ माह पहले बेरियर चौक में किए जा रहे अवैध कब्जे पर नगर के तहसीलदार प्रशांत पटेल ने नगर पालिका से जेसीबी मंगवाकर अवैध कब्जा को तोड़ने की कार्रवाई की, वहीं कब्जाधारी व्यक्ति को पूर्ण रूप से कब्जा किए जा रहे जगह को तोड़ने मौखिक रूप से कहकर वापस चले आए। जिसके बाद अवैध कब्जा पूर्ण कर दो मंजिला मकान बना दिया गया। जितने जगह को तहसीलदार ने मौके पर तोड़ा सिर्फ वही नहीं बना, बाकी जिस जगह को तोड़ने कहा गया, वहां दो मंजिला इमारत बनकर तैयार है। जिससे प्रतीत होता है कि अधिकारी थोड़ी सी कार्रवाई के बाद चिरनिंद्रा में चले गए है। तो वहीं दूसरी ओर जियो और जीने दो के तर्ज पर अधिकारी यह भी भूल गए हैं कि नगर में बेरियर चौक से लेकर स्टेशन तक रोड आधे से अधिक कब्जा हो चुका है। जहां व्यापारी रोड में कब्जा कर अपना दुकान संचालित कर रहे है। जिससे यह प्रतीत होता है कि ऊपरी कमाई के चक्कर में अधिकारी कार्रवाई ही नहीं करना चाह रहे है। वहीं जिले के कलेक्टर भी सिर्फ शासन की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने लगे हुए है, लेकिन चांपा नगर की उपेक्षा पूर्ण रूप से की जा रही है।
बहरहाल कब्जा को रोकने के बजाय नगर के अधिकारी जेब भरने को ओर ज्यादा आकर्षित नजर आते है, जिसके चलते नगर पूर्ण रूप से कब्जामय हो चुका है। अधिकारी सिर्फ अपनी बंद एसी गाड़ियों के कांच से कब्जा होते मजा लेने के मूड में है। अब देखना यह है कि कब्जा हटाया जाएगा या फिर कार्रवाई के नाम पर जेब गर्म होगा।

