वासु सोनी चांपा। नगर की जनता का अब मानना है कि जिले के अधिकारियों को भारत रत्न सम्मान देना चाहिए? प्रत्येक सप्ताह समय सीमा की बैठक के बाद एक दिन कार्रवाई और बाकी दिन आराम जैसे हालात नजर आते है। जिस पर आए दिन बस यही सुनने को मिलता है कि बहुत काम है लेकिन काम क्या होता है इसकी जानकारी ना ही जनता को दी जाती है और ना ही किसी और को? जिस दिन जांजगीर चांपा जिले के कलेक्टर निर्देश दिए उसी समय दिन हो या रात तत्काल कार्रवाई होती है। जिसमें जिले के सभी अधिकारी जी जान लगाकर कार्यों को अंजाम तक पहुंचाते है बाकी रही जनता की बात, तब आवेदन दे दीजिए काम हो जाएगा वाली रिकॉर्डिंग बजनी शुरू हो जाती है। जिसके चलते जनता अब कहना शुरू कर चुकी है कि जिले के अधिकारियों को भारत रत्न सम्मान दे देना चाहिए। क्योंकि जिले के अधिकारियों की वजह से विकास इतनी बढ़ गई है कि लोग विदेशों की तरह महसूस कर ले रहे हैं। फिलहाल देश हो या विदेश जिले के अधिकारी हैं हम, कोई फर्क नहीं पड़ता। चांपा नगर के एक पूर्व पार्षद ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया है कि इंच बाय इंच नाप कर नाला को नाली ना बनाएं बल्कि उचित जांच की जाए, फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

