
वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा में चल रहे निविदा वार में नया मोड़ आ गया है लेकिन दिलचस्प बात यह है कि भ्रष्टाचार के लिए हर प्रयत्न किए जा रहे है। निविदा वार को लेकर जिले और राज्य के अधिकारी कुछ सुनना ही नहीं चाह रहे, शायद उन्हें सिर्फ कमीशन ही नजर आ रहा होगा। नपा चांपा के निविदा वार में एक ओर बंद कमरे और बिना कैमरे वाले कमरे में निविदा की सारी प्रक्रिया की गई थी जिसमें मनचाहे ठेकेदार को निविदा दे दी गई थी। कुछेक निविदा में तो 16 ठेकेदार में सिर्फ 1 को पात्र कर दिया गया। जिसके चलते चांपा नपा में निविदा वार और ज्यादा बढ़ गई। सूत्रों ने तो यह भी बताया कि निविदा मामले में उच्च स्तर की शिकायत भी की गई है। जिस पर कार्रवाई करते हुए निविदा अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दिया गया। अब यह समझ से परे है कि जिले के कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी चांपा नपा के मामले अधिकारियों को इतनी छूट क्यों दे रखे है? क्या निविदा के बाद ठेकेदारों से मिलने वाले कमिशन का इतना मोह बढ़ गया है कि जिले के अधिकारी अपने अधीनस्थ पर कार्रवाई से भी डर रहे हैं।
आखिर क्या है अपरिहार्य कारण? अधिकारियों की एक राय आवेदन लगा कर दस्तावेज देख लो…
निविदा मामले में कुछ निविदा को निरस्त कर दिया गया है। जिसमें नपा द्वारा जारी पत्र में अपरिहार्य कारण से निरस्त करना लिखा गया है। क्या नपा सीएमओ जनता के रुपयों को बर्बाद करने की मंशा रखते है? या चहेते ठेकेदारों को निविदा नहीं मिलने से अपरिहार्य कारण लिख कर निरस्त कर दिया गया। क्या जिले के कलेक्टर आम जनता को इस पर क्या कहेंगे? या फिर चांपा नपा के अधिकारी कर्मचारी हमेशा को तरह मनमानी करते रहेंगे।
क्या अर्धनग्न प्रदर्शन के बाद ही होगा नगर का विकास?
विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि चांपा नपा निविदा मामले में एक पत्र उच्च अधिकारियों को जारी कर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने की बात कहने के बाद ही लगातार निविदा निरस्त की जा रही है? आखिर कौन है जिसने अपने हक के लिए लड़ाई छेड़ दी? वहीं अब निविदा मामले में कुछ लोग न्यायालय की शरण भी ले सकते है?
बहरहाल ना दिखने वाले बाहरी कमीशन के खेल ने जिले को ग्रहण लगा रखा है। जनता के टैक्स से मिलने वाले रुपयों का भरपूर उपयोग कोई जांजगीर चांपा जिले के अधिकारियों से सीखे। जब तक अपने चहेते को लाभ ना मिल जाए तब तक अपरिहार्य कारण जैसे पत्र नपा चांपा सहित जिले के विभागों के सूचना पटल में आसानी से देखे जाएंगे?
- छत्तीसगढ
- अकलतरा
- अन्य खबरें
- अंबिकापुर
- आस्था
- एमसीबी
- कवर्धा
- कांकेर
- कोरबा
- क्राइम
- खरसिया
- खेल
- गरियाबंद
- जगदलपुर
- जशपुर
- जांजगीर-चांपा
- ट्रेंडिंग
- दिल्ली
- दुर्ग
- धमतरी
- परिवहन
- पुलिस
- पेंड्रा गौरेला मरवाही
- प्रशासन
- बलोदाबाजार
- बिज़नेस
- बिलासपुर
- भिलाई
- मनोरंजन
- मुंगेली
- मुंबई
- राजनांदगांव
- राजनांदगाँव
- राजनीति
- रायगढ़
- रायपुर
- रेलवे
- शिक्षा
- शेयर मार्केट
- सक्ती
- सारंगढ़
- सूरजपुर
- स्वास्थ्य

