
वासु सोनी चांपा। गुरुवार को चांपा नगर के निरीक्षण पर पहुंचे जिले के कलेक्टर ने हनुमान धारा पर्यटन स्थल में साफ सफाई को लेकर नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी और कर्मचारियों को फटकार तो लगा दी, लेकिन क्या उसके बाद साफ सफाई हुई होगी? इसका उत्तर है हां, क्योंकि जिले के कलेक्टर ने खुद आकर कहा है? वहीं अगर नगर की जनता ऐसा करती तो नगर के अधिकारियों द्वारा ऐसा उत्तर मिलता कि उनके कदमों तले जमीन खिसक जाती।
अब बात करते हैं नगर के सबसे बड़े तालाब रामबांधा की। जिसकी सफाई के लिए सफेद हाथी का उपयोग किया गया था। बिहान खबर में समाचार प्रकाशन के बाद कुछ दिन साफ सफाई के खेल खेला गया, लेकिन बाद में तालाब की सफाई ऐसे नहीं कर सकते करके सभी ने हाथ खड़े कर दिया। बात यहां तक आई कि जब तक तालाब सफाई का निविदा नहीं होगा। सफाई नहीं हो पाएगी। अब आपको बताते है कि ऐसा क्यों किया गया होगा? नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी कर्मचारी फंड का रोना रो रहे है, बिना फंड के रामबांधा तालाब की सफाई कैसे होगी? चांपा पहुंचे कलेक्टर ने नाराजगी भी जाहिर कर संभवतः तालाब की साफ सफाई कराने कह दिया। अब नगर पालिका परिषद चांपा में फंड नहीं है तो सफाई कैसे होगी, कहने का तात्पर्य यह है कि अब जेब से फंड निकलने की उम्मीद जताई जा रही है। कुछेक ने तो निविदा की पूरी प्लानिंग भी बना रखी थी कि निविदा इतने लाख का होगा, फिर कमिशन भी इतना मिल सकता है? लेकिन जिले के कलेक्टर ने कुछ नहीं मिलेगा कहकर उनके सपनों पर पानी फेर दिया।
हनुमान धारा पर्यटन स्थल सौंदर्यीकरण शुरू करने ठेकेदार को निर्देश…
जिले के कलेक्टर हनुमान धारा पर्यटन स्थल के सौंदर्यीकरण के काम को जल्द शुरू करने निर्देश दिया। जिसके लिए नपा के अधिकारी कर्मचारी ठेकेदार को लेकर मौके पर पहुंचे थे। वहीं नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी कर्मचारी हनुमान धारा सौंदर्यीकरण से संबंधित दस्तावेज देने आनाकानी करते नजर आ रहे है। आरटीआई आवेदन लगाने पर जवाब में दस्तावेज जिले के कलेक्टर के पास है कहकर नपा के अधिकारी कर्मचारियों ने आरटीआई आवेदनकर्ता को दस्तावेज ही नहीं दे रहे। जिसके कारण आवेदनकर्ता अब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से शिकायत करने जा रहे है।
बहरहाल चांपा नगर के अधिकारी कर्मचारी किसी काम को पूरा कर पाएंगे इसकी उम्मीद जता पाना संभव नहीं लग रहा? अब देखना यह है कि नगर के पढ़े लिखे अधिकारी इस मामले में कुछ कर पाते है या जिले के कलेक्टर को भी आसानी से चकमा दे दिया जाएगा।

