नगर की उपेक्षा कर रहे भारतीय रेलवे के अधिकारी कर्मचारी? क्या रेल मंत्री और रेल सचिव को है जानकारी? पत्रकार से कहा जवाब के लिए पीआरओ से बात करो…क्या रेलवे के पीआरओ भी देश के माननीय राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री से भी अधिक व्यस्त?

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वासु सोनी चांपा। नगर कई सदी से कोसा, कांसा और कंचन की नगरी के नाम से विश्वविख्यात है। बावजूद भारतीय रेल और उसमें कार्य करने वाले कर्मचारी अपनी मनमानी करते नजर आ रहे है। चांपा स्टेशन के मुख्य गेट के सामने चांपा लैंड ऑफ कोसा सिल्क लिखा हुआ मूर्ति लगा दिया गया। जिसके लिए चांपा के नागरिकों से बात करना भी मुनासिब नहीं।

रेलवे के अधिकारी आम जनता के किसी भी बात का जवाब नहीं दे पाते, वहीं पत्रकारों को अधिकारियों से बात भी करने नही दिया जाता। शायद देश के माननीय राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री से भी अधिक व्यस्त अधिकारी रेल विभाग में काम करते है जो जनहित के चर्चा के लिए नियम ओर कानून की दुहाई तो देते है लेकिन काम अपनी मनमर्जी से करते है?

क्या सिर्फ औपचारिकता निभाने ही आते है अधिकारी?

सुबह पूरे लॉव लश्कर के साथ शासन के रुपयों का दुरुपयोग कर सुबह से शाम तक अधिकारी घूमते रहते है, वहीं पत्रकारो से विशेष दूरी बनाना भी इनके नियमों में शामिल है। कही रेलवे के अधिकारियों की पोल ना खुल जाए। जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों के आते ही चांपा स्टेशन में राजा की तरह आरामदायक कमरे में बैठकर नौकरी करने वाले कर्मचारी एक दिन के लिए काम करते नजर आते है?

डीआरएम और सीनियर डीसीएम के जाने के पहले ही बंद हो गया लिफ्ट…

आपको बता दें कि एक ओर निरीक्षण के लिए रेलवे के बड़े अधिकारी चांपा स्टेशन पहुंचे तो दूसरी ओर उनके जाने के पहले ही प्लेटफार्म नंबर 2 का लिफ्ट बंद हो गया। स्टेशन पहुंचे पत्रकार ने प्लेटफॉर्म नंबर 2 की लिफ्ट से जाने की सोची तो वहां पहले से खड़े यात्रियों ने बताया लिफ्ट बंद है वहीं एक नंबर प्लेटफॉर्म का लिफ्ट चालू था। जिससे साफ जाहिर है कि रेलवे में मनमर्जी के राज हावी है। चांपा स्टेशन के अधिकारी कर्मचारी जो उच्च अधिकारी कर्मचारी की नहीं मानते वे यात्रियों की क्या सुनते होंगे?

पीआरओ अंबिकेश साहू ने कहा मै फोन लगाता हूं…

बुधवार को चांपा स्टेशन के निरीक्षण पर पहुंचे डीआरएम और सीनियर डीसीएम से पत्रकार कुछ सवाल पूछना चाह रहे थे तब अधिकारियों ने पीआरओ अंबिकेश साहू से बात करने कहा, वे स्पेशल वैन से बाहर निकले और कहा मै फोन लगाता हूं लेकिन वो भी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी बड़े अधिकारी निकले?

अब देखना यह है कि देश को संभाल रहे इतने बड़े बड़े बिलासपुर रेलवे डिवीजन के अधिकारी चांपा स्टेशन को संभाल पाते है या रेलवे के अधिकारी चांपा के आम जनता को फिर से सफेद हाथी दिखाएंगे?

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