वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा अंतर्गत हनुमान धारा में करोड़ो की लागत से सौंदर्यीकरण किया जाना है। जिसके लिए निविदा जारी कर ठेकेदार को काम दिया गया है। जिसका संभवतः वर्क ऑर्डर भी जारी किया जा चुका है लेकिन जिले के कलेक्टर और नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी कर्मचारी उसकी फाइल की कॉपी नहीं देना चाह रहे है?
आपको बता दें कि कुछ दिन पूर्व पत्रकार ने आरटीआई के तहत हनुमान धारा सौंदर्यीकरण से संबंधित समस्त दस्तावेज की मांग की थी। जिसका जवाब आरटीआई अधिकारी ने यह दिया कि संबंधित फाइल जांजगीर चांपा के कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर ने मंगा रखी है, वहां से आने के बाद फाइल की कॉपी दी जाएगी। लेकिन अब प्रार्थी को ही बार बार उसकी जानकारी लेनी पड़ रही है। कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी और नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी कर्मचारी देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी अधिक व्यस्त है। जो इनके पास आरटीआई के तहत दस्तावेज उपलब्ध कराने समय नहीं है। वहीं वेतन नहीं आने पर वे ऐसे भड़क उठते है जैसे शासन ने उनसे मुफ्त में काम करवा लिया हो और उन्हें वेतन कभी मिलेगा ही नहीं। जिसके चलते वे काम में भी लापरवाही करते नजर आते है।
आखिर क्यों नहीं देना चाह रहे फाइल की कॉपी?
हनुमान धारा सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 3 से 4 करोड़ लागत की निविदा जारी की गई है। जिसका ठेका स्थानीय ठेकेदार को मिला है। कही कमीशन के फेर में संबंधित अधिकारी कर्मचारी फाइल की कॉपी नहीं देना चाह रहे हो। नगर पालिका परिषद चांपा के लोक निर्माण विभाग के बाबू का कारनामा भी लगातार समाचार की सुर्खिया बना हुआ है उसके बाद भी जिला कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारी उस बाबू को खुला संरक्षण प्रदान कर रहे है। कुछ दिन पहले भी पूर्व पार्षद ने नगर पालिका चांपा लोक निर्माण विभाग के बाबू की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में की थी उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कही बाबू कमीशन के चक्कर में फाइल से दस्तावेज में सुधार या गायब तो नहीं कर रहा। ऐसी तमाम बातें है जिसकी जानकारी जिले कलेक्टर को भी है बावजूद कुंभकर्णीय नींद में सोए अधिकारी कर्मचारी के कारण चांपा नगर का पतन संभावित नजर आ रहा है।

