
वासु सोनी चांपा। एक ओर नगर पालिका परिषद चांपा में लगातार कई मामलों के लिए समाचार हो रहा था तो दूसरी ओर निविदा निरस्त मामले में भाजपा नेता और ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी द्वारा डाले गए निविदा को गलत तरीके से निरस्त करना सीएमओ रामसंजीवन सोनवानी को भारी पड़ गया।
आपको बता दें कि जनवरी माह 2026 में नगर पालिका परिषद चांपा द्वारा निविदा प्रकाशित कराया गया था। जिसमें नगर सहित आसपास के ठेकेदार सम्मिलित होकर फॉर्म भरें। निविदा फॉर्म की जांच कर ठेकेदारों को निविदा दिया गया लेकिन भाजपा नेता और ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी के द्वारा भरे गए निविदा को अचानक निरस्त कर दिया गया। जिस पर अभिषेक त्रिपाठी द्वारा निरस्त निविदा के मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील किया गया। जहां न्यायालय ने निविदा निरस्त मामले में 1 लाख का मुआवजा भाजपा नेता और ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी को देने नगर पालिका परिषद चांपा को कहा गया। लेकिन मामले का निपटारा नहीं किया गया, जिससे नाराज भाजपा नेता और ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अंत में निविदा मामले की शिकायत केंद्र स्तर पर भी की गई, जिस पर कार्रवाई कर दी गई और 15 नगर पालिका में चांपा के सीएमओ का भी तबादला हो गया।

