नगर के अधिकारी कर्मचारी प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में डाल रहे फर्जी दस्तावेज… प्रार्थी को कर रहे गुमराह… भूमाफिया से कितने की रिश्वत/कमीशन में हुआ होगा डील… कौन ईमानदार अधिकारी करेगा जांच?

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शासकीय भूमि जिस पर रोड बनाकर किया जा रहा कब्जा

वासु सोनी चांपा। एक ओर नगर के चारों ओर भूमाफिया सक्रिय रूप से शासकीय भूमि बेच रहे है तो दूसरी ओर नगर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, पटवारी सहित अन्य संबंधित शासकीय अधिकारी कर्मचारियों द्वारा प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में की गई शिकायत में भी लीपापोती कर सवाल के विपरीत जवाब भेजकर शिकायत बंद कर दिया गया। वहीं जिस जिम्मेदार अधिकारी जो प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल की देखरेख करते है शायद उन्हें भी हिंदी में लिखा आवेदन पूरी तरह समझ नहीं आया होगा, क्योंकि आवेदनकर्ता के द्वारा भारत देश में पढ़ाए जाने वाले भाषा का उपयोग किया ही नहीं गया होगा, ऐसा प्रतीत हो रहा!
आपको बता दे कि जनवरी माह सन 2026 में आवेदनकर्ता के द्वारा हनुमान धारा में शासकीय भूमि में चल रहे अवैध बेजा कब्जा और हनुमान धारा में स्थित शासकीय भूमि का दस्तावेज मांगा गया था? लेकिन चांपा नगर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पवन कोसमा, तहसीलदार प्रशांत पटेल, पटवारी सुधेश शांडिल्य द्वारा प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में दो वर्ष पूर्व हुए सीमांकन रिपोर्ट की जांच के आधार पर अपने कार्यालय में बैठे बैठे रिपोर्ट बनाकर, बिना मौके पर जाए, बिना जांच किए, बिना आवेदनकर्ता को बुलाए प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में आधा अधूरा दस्तावेज भेजकर शिकायत प्रकरण नस्तीबद्ध करा दिया गया? जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि भूमाफियाओं से सांठ गांठ कर हनुमान धारा की शासकीय भूमि को नगर के अधिकारियों द्वारा बेचने की साजिश की जा रही है? वही जिले के कलेक्टर को भी इसकी जानकारी दिए बिना गुपचुप तरीके से हनुमान धारा की अन्य शासकीय भूमि को बेचने की साजिश बदस्तूर जारी है?
पंचनामा में लिखा शासकीय भूमि में बेजा कब्जा?
हनुमान धारा के मामले में अन्य आवेदक के द्वारा शासकीय भूमि में कब्जा की शिकायत कर अपने जमीन का सीमांकन करने आवेदन दिया गया था। जिसकी जांच के टीम बनाकर 22 जून 2026 को आर आई अरुण ध्रुव, 3 पटवारी सहित राजस्व की टीम पंचनामा के लिए पहुंची हुई थी। जिसमें जांच के बाद पंचनामा में स्पष्ट लिखा गया कि शासकीय भूमि में रोड बनाकर कब्जा किया जा रहा है जबकि मौके पर रोड सहित आसपास शासकीय भूमि में स्थित नाला, नाला को मिट्टी और आसपास की शासकीय भूमि को भूमाफियाओं द्वारा धड़ल्ले से कब्जा किया जा रहा है। जिसको देखते हुए भी राजस्व के आए हुए अधिकारी कर्मचारी कब्जा करने वालों को कुछ भी नहीं कह पाए, वही आवेदनकर्ता को सीमांकन रिपोर्ट बाद में मिलने की बात कहते हुए पंचनामा रिपोर्ट में दस्तखत करा लिया गया।
मौके पर उपस्थित पटवारी ने कहा पुराने दस्तावेज के आधार पर कोई कब्जा नहीं?
22 जून 2026 को मौके पर उपस्थित पटवारी सुधेश शांडिल्य से जब प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में शिकायत किए आवेदनकर्ता ने पूछा पटवारी प्रतिवेदन कब और कहां बनाया गया है तब वो आनाकानी करते दिखे लेकिन जब बार बार पूछा गया कि मौके पर आकर जांच करने के बाद पटवारी प्रतिवेदन बना है क्या तब उन्होंने कहा नहीं मौके पर जांच करने नहीं आए थे पुराने 2024 के समय जो सीमांकन हुआ था उस आधार पर कार्यालय में बैठकर प्रतिवेदन बनाकर दिया गया है? जिससे साफ जाहिर है कि चांपा तहसील में कार्यालय में बैठकर प्रतिवेदन बनाकर प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में भी फर्जी दस्तावेज डाला जा रहा है?
बहरहाल अब इससे अधिक भ्रष्टाचारी अधिकारी कर्मचारी कहा से लेकर आए? जिले के कलेक्टर तो क्या प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में भी फर्जी दस्तावेज आसानी से डालकर जनता को बेवकूफ बनाकर चांपा नगर के राजस्व अधिकारी कर्मचारी अपनी जेब गर्म करने बाज नहीं आ रहे? जब नगर के अधिकारियों की यह स्थिति है तो जिला के अधिकारी कर्मचारी क्या करते होंगे यह सोचकर आम जनता को डर लग रहा है? अब इस विषय पर संज्ञान लेने स्वयं धरती पर भगवान को अवतार लेना पड़ेगा? जिले में कोई स्वच्छ छबि का ईमानदार अधिकारी हो तो जनता पर कुछ रहम और चांपा नगर के राजस्व अधिकारी कर्मचारी पर कार्रवाई हो पाए? फिलहाल अब चांपा नगर की जनता को भगवान के अवतार लेने का इंतजार है?

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