
वासु सोनी चांपा। हनुमान धारा पर्यटन स्थल में स्थित शासकीय भूमि पर लगातार कब्जा करने की शिकायत नगर वासियों द्वारा लगाई गई थी। जिस पर जांच कर 137 नंबर की शासकीय भूमि पर कब्जा करने की बात पंचनामा में लिखी गई है। बावजूद सभी उच्च अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठे है? जनता का मानना है कि उन्हें उच्च स्तर का रिश्वत मिल गया होगा? सम्भवतः इसी कारण वे कार्रवाई करने नहीं आ पा रहे? साथ ही नगर की जनता यह भी कह रही कि जब तक नगर के अधिकारी कर्मचारी कार्रवाई करने पहुंचेंगे तब तक आसपास के सभी शासकीय भूमि पर कब्जा हो चुका होगा और वे सिर्फ आवेदन लगाने कहते फिरेंगे, लेकिन कार्रवाई नहीं करेंगे।
आपको बता दें कि 137 नंबर की शासकीय भूमि पर कब्जा धारी द्वारा लगभग 4 से 5 करोड़ की शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया गया है, जिसकी जांच और जानकारी पटवारी सुधेश शांडिल्य, तहसीलदार प्रशांत पटेल और एसडीएम पवन कोसमा को है उसके बावजूद वे कार्रवाई नहीं कर पा रहे? साथ किसी अन्य आवेदनकर्ता के द्वारा मांगी गई शासकीय भूमि संबंधित दस्तावेज भी नहीं दे पा रहे हैं। शायद नगर के तहसील कार्यालय और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय में शासकीय भूमि से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध ना हो?
बहरहाल रिश्वत और कमीशन की बात कहते हुए नगर की जनता करोड़ो की शासकीय भूमि को बचाने की कवायद कर रही है लेकिन नगर के राजस्व विभाग सम्हाल रहे अधिकारी कर्मचारी अपनी जेब गर्म करने की मंशा से करोड़ों की जमीन कब्जेधारी के पक्ष में करने साजिश रच रही होगी? अब देखना यह है कि करोड़ो की शासकीय भूमि कब्जेधारी से बच पाएगी या अधिकारी कर्मचारी उन्हें रिश्वत/कमीशन के रूप में अनुदान देंगे?

