
वासु सोनी चांपा। नगर का एकमात्र रेलवे स्टेशन अपनी बदहाली पर आंसु बह रहा है तो वहीं रेलवे पीआरओ बना अंबिकेश साहू अधिकारियों से मिलने और बात करने से मना करते फिरता रहता है? निरीक्षण के लिए आए अधिकारियों को अभिवादन करने पर भी उन्हें बहुत तकलीफ हो रही है। शायद पीआरओ अंबिकेश साहू रेलमंत्री या प्रधानमंत्री बनने की कोशिश कर रहे है?
आपको बता दें कि पहले ऐसे मामलों में कई बार पीआरओ अंबिकेश साहू की प्रधानमंत्री और रेलमंत्री से शिकायत हो चुकी है बावजूद सीनियर डीसीएम अनुराग सिंह के द्वारा उन्हें बचा लिया जाता है, पूर्व में दिये गए शिकायत के बचाव में पत्र जारी कर यह कहा गया था को पीआरओ अंबिकेश साहू समाचार संबंधित कार्य नहीं करते। जिससे यह प्रतीत होता है कि रेलवे ने कर्मचारी के रूप में से दुर्व्यवहार करने और अधिकारियों से बात नहीं करने देने के लिए पीआरओ अंबिकेश साहू की नियुक्ति की है?
चांपा स्टेशन में शनिवार 4 जुलाई 2026 की सुबह निरीक्षण के लिये पहुंचे डीआरएम का पत्रकार ने नमस्कार कहकर अभिवादन किया जिसे देखकर तत्काल पीआरओ अंबिकेश साहू ने कहा अरे ये क्या कर रहा है, क्यों बात कर रहा है? जिससे यह प्रतीत होता है कि रेलवे के अधिकारियों से बात करने के लिए अब पीआरओ अंबिकेश साहू से समय लेना पड़ेगा।
बहरहाल पीआरओ अंबिकेश साहू खुलेरूप से कहते फिरते है जो करना है कर लो रेलवे के अधिकारी है हम? पीआरओ अंबिकेश साहू का मानना है कि उन्हें रोकने वाला आज तक कोई अधिकारी नहीं बन पाया है। पीआरओ अंबिकेश साहू पत्रकारों को स्पष्ट रूप से मना करते देखा जा सकता है? अब देखना यह है कि रेलमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से इस पर कोई कार्रवाई हो पाती है या पत्रकारों के लिए अलग मंशा रखने वाला पीआरओ अंबिकेश साहू अपनी दबंगई से पत्रकारों को परेशान करते रहेंगे?

