
कोरबा। जिले में कथित अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी के लोहे की खरीद-फरोख्त को लेकर एक शिकायत ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। शहर निवासी गुलाम मेमन ने जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए कुछ कबाड़ कारोबारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में चोरी के लोहे और अन्य धातुओं की खरीद-फरोख्त, औद्योगिक प्रतिष्ठानों से कथित चोरी तथा अवैध गोदामों में चोरी का माल एकत्र कर दूसरे जिलों में भेजे जाने की जांच की मांग की गई है।
टीपी नगर में चोरी के कबाड़ से लदा ट्रक होने का दावा
शिकायतकर्ता ने विशेष रूप से दावा किया है कि 18 अगस्त 2026 को टीपी नगर स्थित राजू होटल के पास एक कथित अवैध कबाड़ गोदाम से चोरी के कबाड़ को ट्रक में लोड किया जा रहा है, जिसे चांपा और रायगढ़ की ओर भेजे जाने की तैयारी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मौके पर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाए तो बड़ी मात्रा में संदिग्ध कबाड़ बरामद किया जा सकता है।
SECL से लेकर BALCO, NTPC और CSEB तक चोरी के गंभीर आरोप
शिकायत में रवि साहू, राजेश साहू और दीपक साहू सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से SECL की खदानों तथा BALCO, NTPC और CSEB के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से लोहे, तांबे, एल्युमिनियम और अन्य सामग्री की कथित चोरी कराई जा रही है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि चोरी की सामग्री को अलग-अलग कबाड़ ठिकानों पर एकत्र करने के बाद दूसरे जिलों की स्क्रैप फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस संरक्षण के भी लगाए गंभीर आरोप
शिकायत पत्र में कुछ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित रूप से संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप कॉल/संपर्क और कथित लेन-देन की जांच की जा सकती है।
शिकायत में मानिकपुर और बाल्को क्षेत्र में कथित चोरी के नेटवर्क का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच किए जाने की मांग की है।
अवैध कबाड़ कारोबार से शहर में बढ़ रही चोरी की घटनाओं का दावा
शिकायतकर्ता का कहना है कि कबाड़ के अवैध कारोबार के कारण शहर में चोरी की घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है। उसके मुताबिक घरों के बाहर खड़े वाहन, लोहे के दरवाजे-खिड़कियां और अन्य लोहे की सामग्री भी चोरों के निशाने पर आ रही है। शिकायत में ऐसे कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता जताई गई है।
संपत्तियों और कारोबार की जांच की भी मांग
शिकायतकर्ता ने संबंधित कबाड़ कारोबारियों की संपत्ति, कारोबार, गोदाम, वाहनों, बैंकिंग लेन-देन तथा कथित स्क्रैप खरीद-बिक्री की जांच कराने की मांग की है। साथ ही शिकायत की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर और GST विभाग को भी भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।
जांच के बाद ही साफ होगी आरोपों की सच्चाई
मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के कारण अब पुलिस जांच पर नजर रहेगी। शिकायत में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद खबर में उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना उचित होगा।
यदि पुलिस मौके पर जांच करती है, कथित गोदाम से कबाड़ बरामद होता है या किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। अब देखना होगा कि जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय इस शिकायत पर क्या संज्ञान लेता है और कथित कबाड़ सिंडिकेट की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।


