सावन की भक्ति या अवैध हथियारों का परिवहन, अंकुश लगाने पुलिस पीछे या आगे… चांपा स्टेशन में अचानक हुई जांच से मचा हड़कंप?

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वासु सोनी चांपा। ना तलवार की धार की, ना गोलियों की बौछार से, बंदा डरता है तो सिर्फ, परवर दिगार से… वाली डायलॉग आपने जरूर सुनी होगी। ये लाइन बैद्यनाथ धाम (बाबाधाम) से वापस लौटने वाले और अपने साथ लंबी लंबी अवैध तलवार साथ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं पर लागू होती है।

जांजगीर चांपा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चांपा पुलिस थाना, जीआरपी और आरपीएफ के साथ मिलकर बीती शाम चांपा रेलवे स्टेशन पर सघन जांच अभियान चला दिया। जहां साउथ बिहार ट्रेन के चांपा पहुंचने पर बैद्यनाथ धाम (बाबाधाम) से वापस लौटने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे के समानों की चेकिंग की गई। श्रद्धालुओं के पास से लंबी लंबी तलवार मिली, जिसे जप्त कर कार्रवाई की गई।

सघन अभियान के बाद कार्रवाई की जानकारी पुलिस मीडिया ग्रुप में नहीं आई…

एक ओर बैद्यनाथ धाम (बाबाधाम) से वापसी पर श्रद्धालुओं से तलवार बरामद किया गया। लेकिन उसकी कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक अभी तक नहीं की गई है। पुलिस विभाग एक ओर अवैध हथियारों के परिवहन पर अंकुश लगाने के दावे कर रही है तो दूसरी ओर पुलिस मीडिया ग्रुप में इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है।

क्या एक बार ही होगी कार्रवाई?

सावन के महीने में श्रद्धालुओं का जत्था हजारों लाखों की संख्या में बैद्यनाथ धाम (बाबाधाम) पहुंचते है। यह सिलसिला प्रत्येक वर्ष जारी रहता है लेकिन पुलिस विभाग के द्वारा श्रद्धालुओं के वापसी पर कार्रवाई कभी कभार करने के पीछे मंशा क्या रहती होगी? कितनी मात्रा में अवैध हथियार जप्त कर कार्रवाई की गई। इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने के पीछे भी कोई बड़ी वजह जरूर होगी? जिले के पुलिस अधिकारी आखिर इन मामलों को छुपाकर बताना क्या चाहते है?

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