
वासु सोनी चांपा। एक ओर चांपा नगर को स्वच्छ रखने का अभियान चलाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर राम बाँधा तालाब के गधिया को निकालने प्रशासन के पसीने छूट जा रहे है। एक बार फिर से वार्डवासियों ने नगर पालिका परिषद चांपा पहुंच तालाब के घाटों में लगाए गए बांस के टूट जाने को लेकर और तालाब की सफाई को लेकर अधिकारी और कर्मचारी सहित तालाब निरीक्षण के लिए पहुंचे लेकिन मामला कुछ जम नहीं पाया। वही नपा सीएमओ के छुट्टी पर रहने के कारण कुछ दिनों के लिए पहुंचे अकलतरा सीएमओ सामने रहते हुए भी उचित जवाब नहीं दे पाए। वही सिर्फ प्रस्ताव भेजने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।
कुछ समय पहले जिले के कलेक्टर खुद तालाब के किनारे खड़े होकर साफ सफाई का कार्य सम्भाले हुए थे लेकिन उस पर भी सिर्फ तालाब से गधिया को उखाड़ने का कार्य कर तालाब के किनारे ही रख दिया गया। वही गधिया तालाब में इधर उधर तैरने लगा है, जिसके कारण गधिया कभी इस घाट तो कभी उस घाट पर पहुंच रही है। जिससे नगरवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
वही जिले के अधिकारी कर्मचारी सिर्फ निविदा निकालने पर ही लगे हुए है? तालाब की पूर्ण सफाई के लिए निविदा निकालने शायद भगवान को ही आना पड़ेगा? उस पर भी कमीशन और रिश्वत को लेकर जिले और नगर के अधिकारी कर्मचारी आपसी लड़ाई लड़ते नजर आ सकते है। अब देखना यह है कि राम बाँधा तालाब का गधिया कब तक साफ होगा या सफाई के नाम पर जिले के अधिकारी कर्मचारी सिर्फ मलाई खाएंगे?


