
वासु सोनी चांपा। जिले सहित नगर में संचालित व्यापारिक दुकानों में कितनी दुकानों के द्वारा जीएसटी नंबर लिया गया है। सुबह से शाम तक करोड़ो अरबों की दुकानदारी पर जीएसटी विभाग मौन क्यों है? जिले में कितनी दुकान संचालित है जो जीएसटी के दायरे में आती है लेकिन उन दुकानों के व्यापारिक हिसाब किताब की जांच जीएसटी विभाग क्यों नहीं कर पा रहा है।
क्या दिखावे का जीएसटी विभाग?
जांजगीर चांपा जिले सहित नगर में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा बिना जीएसटी नंबर के लाखों करोड़ों का व्यापार किया जा रहा है। जिसकी जानकारी जिले में स्थित जीएसटी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को है बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई ना हो पाना जीएसटी विभाग की निष्क्रियता और आपसी सांठ गांठ की ओर इशारा कर रहे है।
कितनी दुकानों के पास जीएसटी नंबर, कितने ने किया जीएसटी नंबर सार्वजनिक?
जिले और नगर की बात करें तो कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने जीएसटी नंबर लिया हुआ है लेकिन अपने संस्थान या दुकान के बाहर जीएसटी नंबर नहीं लिखा हुआ है। वही जीएसटी विभाग के अधिकारी कर्मचारी कभी कभार किसी प्रतिष्ठान की जांच करने पहुंच जाए तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी? वही जांच के नाम पर सिर्फ मलाई रबड़ी की बाते होती रहती है?
क्यों नहीं की जाती रोजाना जीएसटी की जांच?
जिला जीएसटी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के पास शायद समय की कमी है जिसके कारण वे व्यावसायिक दुकानों की जांच उचित स्तर पर नहीं कर पा रहे है? क्योंकि जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने जीएसटी नंबर लिया है उनकी पूरी जानकारी जीएसटी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को ही पता नहीं है। जिन्होंने दुकान के नाम पर जीएसटी लिया है उनके गोदाम की जांच शायद ही जीएसटी विभाग कर पाता हो।
बहरहाल जीएसटी विभाग ईमानदारी से कार्य करें तो जिले में कई ऐसे मामले सामने आयेंगे जिनमें जीएसटी विभाग के राजस्व में काफी बढ़ोत्तरी होगी? वही दूसरी ओर कई ऐसे मुखबिर विभाग में भी होते है जिनके चलते विभाग को राजस्व की भरपूर हानि होती है। अब देखना यह है कि किसे लाभ हो रहा और किसे हानि?


