
18वीं लोकसभा का पहला बजट सत्र आज से शुरू हो गया है. कल यानि एक फरवरी 2025 को भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेगी. बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई. इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2024-25 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश कर रहीं हैं. बजट सत्र शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए बजट को लेकर संकेत दिए हैं.


प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा, “भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी जगह बनाई है और यह मेरे तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है. मुझे पूरा विश्वास है कि 2047 में जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब हम अपने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करेंगे. यह बजट देश को नई ऊर्जा और उम्मीद देगा.”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आर्थिक गतिविधियों के लिए हमारा रोडमैप नवाचार, समावेशन और निवेश पर आधारित है. यह बजट ‘विकसित भारत’ के हमारे लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लाएगा.”
प्रधानमंत्री ने बजट 2025 के संदर्भ में मध्यम वर्ग का उल्लेख किया और सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या इस बार सरकार गरीब और मध्यम वर्ग के लिए आयकर में राहत प्रदान करेगी. खासकर, जब से 2020 से आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, तब से आम लोगों में इस बार राहत की उम्मीदें हैं.
भारत की जीडीपी वृद्धि 2023-24 में 8.2% से घटकर 2024-25 में 6.4% रहने का अनुमान है, जिससे उपभोग को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत कदमों की जरूरत महसूस हो रही है. इसके साथ ही, वेतनभोगी व्यक्ति यह उम्मीद कर रहा है कि बजट के दौरान उसकी आय पर कर कम किया जाएगा.
आयकर स्लैब और दरों में कोई बदलाव हो सकता है, खासकर नई आयकर व्यवस्था के तहत, जिसे सरकार बढ़ावा दे रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 72% करदाता नई आयकर व्यवस्था में परिवर्तित हो चुके हैं. अब यह देखना होगा कि पीएम मोदी के भाषण के बाद गरीब और मध्यम वर्ग के लिए क्या अच्छी खबर आती है, जैसे कि एलपीजी सब्सिडी की बहाली, जो भारतीय जनता पार्टी और कई विपक्षी दल चुनावों में वादा करते आए हैं.


