
चांपा। चाय जिसकी जिंदगी है अगर वही चाय जान लेने लग जाए तो शायद चाय पर से भरोसा उठ जाए। ये कोई कहानी नहीं बल्कि सत्य घटना है। चाय की ललक के चलते एक 75 वर्षीय अधेड़ की ट्रेन से कटकर जान चली गई।
आपको बता दें कि बालपुर निवासी द्वारिका प्रसाद श्रीवास चाय का शौकीन था। जहां चाय मिलती वहां पहुंच जाता था। आसपास जानकारी लेने पर पता चला कि घर में बेटे बहु हैं फिर भी उसे चाय नहीं मिल पाती थी। जिसकी वजह से मृतक द्वारिका प्रसाद श्रीवास रोजाना तड़के सुबह चाय पीने बालपुर रेलवे फाटक के पास जाता था। जहां से चाय पीकर वापस अपने घर चला जाता था।
रोज की तरह गुरुवार की सुबह भी मृतक द्वारिका प्रसाद श्रीवास रेलवे फाटक के पास पहुंचा था तभी फाटक में ड्यूटी कर रहे स्टाफ ने मालगाड़ी के आने का इशारा किया, तभी जब तक द्वारिका प्रसाद कुछ समझ पाता तूफान से भी अधिक रफ्तार से आ रही मालगाड़ी ने द्वारिका प्रसाद को अपनी चपेट में ले लिया। द्वारिका प्रसाद श्रीवास की मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे फाटक में कार्य कर रहे कर्मचारी ने इसकी सूचना आरपीएफ स्टाफ एवं चांपा थाने को दी। पुलिस ने अपनी कार्रवाई तो पूरी कर दी लेकिन चाय की ललक ने द्वारिका की जान हमेशा के लिए छीन ली, घर में ही अगर चाय मिल जाती तो शायद द्वारिका की जान बच सकती थी।


